CBI ने कैंब्रिज एनालिटिका के खिलाफ दर्ज किया केस, 5.62 लाख भारतीय फेसबुक यूजर्स का डेटा चुराने का लगा आरोप

चैतन्य भारत न्यूज

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने फेसबुक से डेटा चोरी करने के आरोप में कैंब्रिज एनालिटिका के खिलाफ केस दर्ज किया है। यूनाइटेड किंगडम की इस कंपनी पर लगभग 5.62 लाख भारतीयों का फेसबुक डाटा चोरी करने और चुनावों को प्रभावित करने के लिए इसका उपयोग करने का आरोप है।

सीबीआई ने इस मामले में UK की कंपनी ग्लोबल साइंस रिसर्च लिमिटेड (GSRL) के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है। CBI के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने कहा था कि GSRL ने भारत में गलत तरीके से करीब 5.62 लाख यूजर्स के पर्सनल डेटा को जुटाया। बाद में इसे कैंब्रिज एनालिटिका के साथ शेयर किया। कंपनी पर यह भी आरोप है कि इस डेटा का इस्तेमाल भारत में चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया गया।

2018 में शुरू की थी जांच

सीबीआई ने 2018 में प्रारंभिक जांच शुरू की थी। आरोप सही होने के बाद जांच एजेंसी ने ब्रिटेन की इन कंपनियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

फेसबुक ने क्या कहा

फेसबुक ने जवाब दिया था कि 5.62 लाख भारतीय यूजर्स का डाटा अवैध रूप से लिया गया था। दूसरी ओर कैम्ब्रिज एनालिटिका ने जवाब दिया कि उन्हें ग्लोबल साइंस प्राइवेट लिमिटेड से सिर्फ ब्रिटेन के यूजर्स का डाटा मिला है।

क्या है मामला?

3 अप्रैल 2018 को कंपनी ने बताया था कि उसके पास भारतीयों का कोई फेसबुक डेटा नहीं है। इसके दो दिन बाद ही फेसबुक ने भारत सरकार को 5 अप्रैल 2018 को बताया कि कैंब्रिज एनालिटिका ने इंस्टॉल किए गए ऐप के जरिए करीब 5 लाख 62 हजार 455 भारतीयों के फेसबुक डेटा लिया है।

क्या है कैंब्रिज एनालिटिका?

यह UK स्थित गूगल डेटा एनालिटिक्स कंपनी है। कंपनी पहली बार तब सुर्खियों में आई थी, जब इस पर डेटा मैन्युपुलेशन ट्रिक्स की मदद से अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को जीतने में मदद करने का आरोप लगा था। वहीं, भाजपा ने 2019 आम चुनाव के लिए कांग्रेस पर क्रैंब्रिज एनालिटिका की सेवांए लेने का आरोप लगाया था। भाजपा ने राहुल गांधी के सोशल प्रोफाइल का कैंब्रिज एनालिटिका से जुड़ने पर सवाल उठाया था।

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