CBI ने अपने ही DSP और इंस्पेक्टर को किया गिरफ्तार, 55 लाख की रिश्वत लेने का आरोप

cbi,central bureau of investigation

चैतन्य भारत न्यूज

उत्तर प्रदेश के देवबंद में सीबीआई ने अपने ही दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में खलबली मच गई। सीबीआई ने जिन दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है उन पर 55 लाख रुपए की रिश्वत लेने का आरोप है। इन अधिकारियों में डीएसपी आरके ऋषि और इंस्पेक्टर कपिल धनकड़ शामिल हैं। इसके अलावा सीबीआई ने अधिवक्ता मनोहर मालिक को भी गिरफ्तार किया है।

देवबंद के रेलवे रोड निवासी राजीव सीबीआई में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात हैं। बुधवार सुबह सीबीआई ने उनके पैतृक आवास देवबंद अस्पताल के सामने छापेमारी की। साथ ही सीबीआई ने उनकी पत्नी के रुड़की स्थित आवास पर भी रेड की। चार गाड़ियों का काफिला रेलवे रोड स्थित पंजाबी कॉलोनी में पहुंचा। जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले गाज़ियाबाद स्थित आवास पर भी रेड के बाद राजीव को सस्पेंड किए जाने की चर्चाएं भी चल रही है। राजीव पर भ्रष्टाचार का आरोप है। स्थानीय पुलिस इस बारे में कोई जानकारी नही दे रही है।

सीबीआई ने पिछले हफ़्ते ही गाज़ियाबाद में सीबीआई एकेडमी में तैनात इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर इनके ठिकानों पर रेड की थी। आरोप है कि वर्ष 2018 में तीन निजी कंपनियों ने बैंकों से गलत कागजात के आधार पर लोन लिया था। इसी मामले में हाल ही में सीबीआई ने 14 जगह रेड की थी। जिनमें दिल्ली, ग्रेटर नोएडा, नोएडा और गाज़ियाबाद भी शामिल हैं। सीबीआई ने पिछले दिनों अपने चार कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और निरीक्षक कपिल धनखड़ और स्टेनोग्राफर समीर कुमार सिंह को निलंबित कर दिया था।

आठ पेजों वाली एफआईआर में लगाए गए आरोपों के अनुसार निरीक्षक धनखड़ ने सांगवान और ऋषि से रिश्वत के पैसे लिए। जो श्री श्याम पल्प एंड बोर्ड मिल्स के पक्ष का अनुरोध कर रहे थे। ये कंपनी 700 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में और फ्रोस्ट इंटरनेशनल 3,600 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी है।

Related posts