दिल्ली की 18 वर्षीय चैतन्या 1 दिन के लिए बनी ब्रिटेन की हाई कमिश्नर, महिला सशक्तीकरण की पहल के तहत मिला अवसर

चैतन्य भारत न्यूज

दिल्ली की एक लड़की को एक दिन के लिए भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त (हाई कमिश्नर) बनने का मौका मिला। भारत में स्थित ब्रिटिश उच्चायोग ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर दिल्ली निवासी 18 वर्षीय चैतन्या वेंकटेश्वरन को एक दिन के लिए अपना उच्चायुक्त बनाया। ऐसा करने वालीं वो चौथी युवती हैं जो इतनी कम उम्र में इस पद पर बैठी हैं।

हर साल होता है प्रतियोगिता का आयोजन

दरअसल, दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायोग हर साल अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक प्रतियोगिता का आयोजन करता है। इसमें 18 से 23 साल की युवतियां हिस्सा ले सकती हैं, जिसमें अलग-अलग दर्जे की कुछ परीक्षाएं होती हैं। इन्हीं में से जो बाजी मार जाता है उसे एक दिन ब्रिटिश उच्चायुक्त के तौर पर काम करने का अवसर मिलता है। प्रतियोगिता के तहत इस साल प्रतिभागियों से सोशल मीडिया पर एक मिनट का वीडियो डालने को कहा गया था, जिसमें उन्हें यह बताना था कि ‘कोविड-19 संकट में लैंगिक समानता के लिए क्या वैश्विक चुनौतियां और अवसर हैं?’ चैतन्या वेंकटेश्वरन को भारत में ब्रिटेन की हाई कमिश्नर बनने का पिछले बुधवार को मौका मिला। वेंकटेश्वरन को दुनियाभर की महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को बताने और महिला सशक्तिकरण के लिए मिशन की पहल के तहत यह अवसर दिया गया।

उच्चायुक्त के विभाग प्रमुखों को सौंपे काम

हाई कमिश्नर के रूप में वेंकटेश्वरन ने उच्चायुक्त के विभाग प्रमुखों को उनके काम सौंपे, सीनियर महिला पुलिस अफसरों से बातचीत की, मीडिया से मुलाकात की और साथ ही स्कॉलरशिप ले रहे छात्रों के साथ भी बातचीत की। इस बार कोरोना संकट के चलते सभी मीटिंग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई। इस दौरान कई मसलों पर बात हुई, कोरोना संकट के दौरान महिलाओं की स्थिति को लेकर भी मंथन हुआ।

वेंकटेश्वरन ने क्या कहा

वेंकटेश्वरन ने कहा, ‘मैं जब छोटी थी, तब नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश काउंसिल की लाइब्रेरी जाया करती थी और तभी से मेरे अंदर सीखने की इच्छा पैदा हुई। एक दिन के लिए ब्रिटेन का हाई कमिश्नर बनना एक सुनहरा अवसर है।’ भारत में ब्रिटेन के कार्यवाहक हाई कमिश्नर जैन थॉम्पसन ने कहा कि, ‘यह प्रतियोगिता उन्हें बहुत पसंद है, जो असाधारण युवतियों को मंच मुहैया कराती है।’

 

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