इस दिन से हो रही चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष की शुरुआत, जानें कैसा रहेगा नए साल पर बुध का प्रभाव

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चैतन्य भारत न्यूज

चैत्र मास शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि शुरू हो जाएंगे। इस बार चैत्र नवरात्रि 25 मार्च से शुरू होंगे जो 2 अप्रैल तक चलेंगे। इसे वासंतिक नवरात्रि भी कहा जाता है। नवरात्रि में देवी के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-आराधना की जाती है। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है।



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चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष आरंभ हो जाता है। चैत्र का महीना हिंदू नववर्ष का पहला महीना माना जाता है। इसी दिन से विक्रम नवसंत्सवर 2077 की शुरुआत होगी। इस बार नववर्ष का राजा बुध रहेगा, क्योंकि बुधवार के दिन से ही नए साल का प्रारंभ होने जा रहा है। इस बार नवरात्रि में भी कई शुभ योग भी पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि में इस बार क्या खास रहेगा।

चैत्र नवरात्रि का महत्व

सनातन संस्कृति के मुताबिक, चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा का जन्म हुआ था। देवी दुर्गा के आदेश पर जगत पिता ब्रह्मा ने सृष्टि का निर्माण किया था। इसलिए इस शुभ तिथि को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से हिंदू नववर्ष का प्रारंभ होता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीराम का जन्म चैत्र नवरात्रि की अंतिम तिथि नवमी को हुआ था। इसलिए इस तिथि को राम नवमी के नाम से जाना जाता है।

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नव संवत्सर विक्रम संवत 2077

चैत्र मास शुक्ल प्रतिपदा 25 मार्च बुधवार से विक्रम नवसंत्सवर 2077 की शुरुआत होगी। इस बार के नवसंवत्सर का नाम ‘प्रमादी’ है। इस बार नव संवत्सर पर बुध का प्रभाव रहेगा। मान्यता है कि चैत्र माह की प्रतिपदा तिथि जिस दिन होती है उसी दिन जो वार होता है वही संवत्सर का राजा माना जाता है। इस बार बुधवार के दिन से ही नए साल का प्रारंभ होने जा रहा है जिसके राजा बुध और मंत्री चंद्र हैं। नववर्ष का आरंभ बुधवार के दिन रेवती नक्षत्र, और मीन राशिगत चंद्रमा के गोचर के समय में हो रहा है अतः देश के लिए यह संयोग अति शुभ रहेगा।

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