नाबालिग वधू होने वाली सास के साथ रहेगी, बालिग होने पर मिलेगा पति का साथ

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चैतन्य भारत न्यूज

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से एक बालिका वधु का मामला सामने आया है। कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की की कस्टडी उसकी सास को सौंपी। साथ ही यह आदेश दिया है कि वह एसडीएम भुलल्थ के सामने एक हलफनामा देकर स्वीकार करे कि जब तक लड़की की उम्र 18 साल की नहीं होती वह उसे बेटे के पास नहीं रखेगी। यह शादी निर्धारित अवधि के बाद ही मान्य होगी।

यह मामला पंजाब के कपूरथला जिले के भुलत्थ से सामने आया है। कुलविदर कौर नामक महिला ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि उसके बेटे गगनदीप ने एक नाबालिग लड़की के साथ 1 सितंबर 2020 को शादी कर ली थी। शादी के बाद लड़की की मां ने एसएसपी कपूरथला के पास शिकायत दर्ज कराइ तो पुलिस ने बाल विवाह निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर लड़के और लड़की को 19 अक्टूबर को एसडीएम भुलत्थ के सामने पेश किया।

लड़की की जन्म तारीख 4 मार्च 2003 (17 साल सात महीने 15 दिन ) है। वह नाबालिग है। एसडीएम ने लड़के को हिरासत और लड़की को चिल्ड्रन प्रोटेक्शन होम जालंधर में भेजने का आदेश जारी किया था। 21 अक्टूबर को लड़के को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इसके बाद लड़के की मां कुलविदर कौर ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर लड़की को उसे सौंपने की मांग की और दलील दी कि हाई कोर्ट की एक बेंच ने प्रीति बनाम हरियाणा मामले में इसी साल नाबालिग लड़की की कस्टडी सास को दी थी। इसी आधार पर उसे भी लड़की को सौंपा जाए।

जानकारी के मुताबिक, नाबालिग लड़की की सास एसडीएम के पास एक लाख रुपए का बांड भी भरेगी। अगर लड़की की सास इस शर्त को पूरी नहीं कर पाती है तो यह बांड राशि जब्त कर ली जाएगी। याचिकाकर्ता सास लड़की को हर महीने उसके निजी खर्च के लिए पांच हजार रुपए भी उसके बालिग होने तक देगी। यदि तय शर्त की पालन नहीं किया गया तो याचिकाकर्ता हाई कोर्ट की अवमानना की दोषी होगी।

वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हाई कोर्ट ने लड़की के बयान लिए हैं। लड़की ने अपने बयान में कहा कि, ‘वह याचिकाकर्ता सास के साथ जाना चाहती है।’ सरकारी वकील व लड़की के परिजनों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि, लड़की नाबालिग है, ऐसे में उसे नारी निकेतन भेजा जाए। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट के जस्टिस एके त्यागी ने सास की मांग स्वीकर करते हुए सश्ार्त लड़की को उसे सौंपने का आदेश दिया।

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