चांद पर काले दाग क्यों? चंद्रयान-2 ने तस्वीर भेजकर खोला राज

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (ISRO) का चंद्रयान-2 चांद के बारे में लगातार नए-नए खुलासे कर रहा है। भले ही चंद्रयान-2 का विक्रम लैंडर सही से चांद पर लैंडिंग न कर पाया हो लेकिन फिर भी ऑर्बिटर चांद के चारों तरफ चक्कर लगा रहा है और रोजाना चांद की नई और चौंकाने वाली तस्वीरें सामने ला रहा है। मंगलवार को इसरो ने दो तस्वीरें शेयर की है जिसमें लोग पहली बार चांद का रंगीन रूप देख सकते हैं।



इन तस्वीरों को देखकर यह पता चल रहा है कि चांद की सतह पर काले दाग क्यों हैं? और उसकी सतह पर कितने गड्ढे (Crater) हैं? इसका खुलासा चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर में लगे डुअल फ्रिक्वेंसी सिंथेटिक एपर्चर राडार (DF-SAR) ने किया है। इसने चांद के दक्षिणी ध्रुव की सतह का अध्ययन किया। बता दें डुअल फ्रिक्वेंसी सिंथेटिक एपर्चर राडार के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि कहां गड्ढे हैं? कहां पहाड़ हैं? कहां समतल जमीन है? और कहां पत्थर पड़े हैं? इसरो के मुताबिक, अपने विकास के समय से ही चांद की सतह पर लगातार उल्का पिंडों, क्षुद्र ग्रहों और धूमकेतुओं की जबरदस्त बमबारी हुई। इसके कारण चांद की सतह पर अनगिनत संख्या में विशाल गड्ढे हो गए हैं। ये गड्ढे गोलाकार और विशाल कटोरे की शक्लों में हैं। इनमें से कई छोटे, सामान्य तो कई बडे़ और छल्लेदार भी हैं।

यह उपकरण चांद की सतह से 2 मीटर ऊंची किसी भी वस्तु की तस्वीर ले सकता है। उपकरण से दो तरह की किरणें निकलती हैं और उन किरणों के सतह से टकराने और उनके वापस लौटने के आंकड़ों को जुटाकर यह पता किया जाता है कि चांद की सतह पर क्या है? यह उपकरण चांद की सतह के ऊपर और नीचे दोनों की ही जानकारी देने में सक्षम है। इतना ही नहीं बल्कि इसके जरिए यह भी पता लगाया जा सकता है कि चांद की सतह पर कौन सा गड्ढा कब बना है? इसरो के मुताबिक, चांद पर मौजूद यह गड्ढे और उनकी परछाइयां ही चांद के चेहरे पर काले धब्बे से दिखाई पड़ते हैं।

ये भी पढ़े…

चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने भेजी चांद की तस्वीर, इसरो ने बताया- चांद की मिट्टी में मौजूद कणों के बारे में पता लगा

ISRO चीफ ने किया खुलासा- कैसे रहा चंद्रयान-2 98 फीसदी सफल

चंद्रयान-2 : इसरो ने देशवासियों का किया शुक्रियाअदा, लैंडर विक्रम से संपर्क की उम्मीदें खत्म!

Related posts