भारत फिर रखेगा चांद पर कदम, 2022 में लॉन्च हो सकता है चंद्रयान-3

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. चंद्रयान-2 के बाद अब फिर से चांद पर कदम रखने की तैयारी है। ISRO जल्द ही चंद्रयान-3 को चांद तक पहुंचाएगा। बुधवार को लोकसभा में अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा अगले साल की तीसरी तिमाही में चंद्राम पर अपना तीसरा मिशन चंद्रयान-3 भेजेगा। हालांकि, इसकी लॉन्चिंग डेट फिलहाल तय नहीं है। कोरोना वायरस के चलते अंतरिक्षयान में थोड़ी देर हुई है। लेकिन, इस पर तेजी से काम हो रहा है।

क्या है चंद्रयान को लेकर ताजा अपडेट?

केंद्रीय राज्य मंत्री के मुताबिक, चंद्रयान-3 के मिशन को अंतिम रूप दिया जाना, उप-प्रणालियों का निर्माण, कंसॉलिडेशन, अंतरिक्ष यान स्तरीय विस्तृत परीक्षण और पृथ्वी पर प्रणाली के परफॉर्मेंस के मूल्यांकन के लिए कई विशेष परीक्षण जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। सिंह के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के कारण पिछले कुछ समय से इसके काम में रुकावटें आई हैं। अनलॉक के बाद चंद्रयान-3 पर फिर से काम शुरू हो गया है और अब यह तेजी से पूरा हो रहा है।

चंद्रयान-3 में नहीं होगा ऑर्बिटर

चंद्रयान 3 को लेकर इसरो चीफ के। सिवन ने बताया था कि, 2022 में लॉन्च की उम्मीद है। सिवन के मुताबिक, कोविड-19 लॉकडाउन की वजह से चंद्रयान-3 और देश के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ सहित ISRO की कई परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने बताया कि चंद्रयान-3 में पहले की तरफ इस बार ‘ऑर्बिटर’ नहीं होगा। फिलहाल इस पर काम चल रहा है। यह चंद्रयान-2 की तरह ही है, लेकिन इसमें ऑर्बिटर नहीं होगा। चंद्रयान-2 के साथ भेजे गए ऑर्बिटर को ही चंद्रयान-3 के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

2019 में लॉन्च हुआ था चंद्रयान-2

चंद्रयान-2 को 22 जुलाई 2019 को लॉन्च किया गया था। इसे चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में ‘रोवर’ उतारने के लिए भेजा गया था। हालांकि, चंद्रयान-2 का लैंडर ‘विक्रम’ 7 सितंबर 2019 को ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने में सफल नहीं रहा। ISRO के लिए चंद्रयान-3 भी एक महत्वपूर्ण मिशन है, जो अंतरग्रहीय ‘लैंडिंग’ में भारत के लिए आगे का रास्ता तय करेगा। सिवन ने कहा कि गगनयान परियोजना के तहत इस साल दिसंबर में ISRO के पहले मानवरहित मिशन को अंजाम देने की भी योजना है, जिसे पिछले साल दिसंबर में भेजा जाना था।

Related posts