चारधाम यात्रा 2020: लॉकडाउन के बीच शुभ मुहूर्त में विधि विधान के साथ खुले गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट, पीएम मोदी के नाम से हुई प्रथम पूजा

चैतन्य भारत न्यूज

उत्तरकाशी. देशभर में एक ओर जहां कोरोना वायरस का कहर छाया हुआ है, तो वहीं दूसरी ओर 26 अप्रैल यानी आज से उत्तराखंड में चार धामों में से दो धाम गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट विधि विधान के साथ खुल गए हैं। इसी के साथ आज से विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की भी शुरूआत हो गई है। हालांकि, देशभर में लॉकडाउन के कारण श्रद्धालुओं ने धाम में दर्शन नहीं किए।

पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

जानकारी के मुताबिक, गंगोत्री धाम के कपाट शुभ मुहूर्त में दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर और यमुनोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 41 मिनट पर खोले गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्षय तृतीया महापर्व की शुभ बेला पर मंदिर समिति गंगोत्री को 1100 रुपए दान स्वरूप दिए। वहीं, धाम में पहली पूजा भी प्रधानमंत्री मोदी के नाम से ही हुई। पुजारियों ने मंदिर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूजा-अर्चना की।

हरिद्वार में छाया सन्नाटा

बता दें हर साल चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले हरिद्वार में चहल पहल शुरू हो जाती थी। बड़ी संख्या में यहां यात्री डेरा डाल देते थे। लेकिन इस बार कोरोना महामारी के कारण यहां सन्नाटा छाया हुआ है। जहां हरकी पौड़ी के गंगा घाटों पर दिन-रात लोगों की भीड़ लगी रहती थी वहां दूर-दूर तक सन्नाटा कोई भी नजर नहीं आ रहा।

 

ये सभी थे मौजूद

पूजा के दौरान मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल, सह सचिव राजेश सेमवाल, अध्यक्ष गंगा पुरोहित सभा पवन सेमवाल, सदस्य मंदिर समिति, राकेश सेमवाल, सचिव मंदिर समिति,दीपक सेमवाल, एसडीएम देवेंद्र नेगी, पुलिस उपाधीक्षक कमल सिंह पंवार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डीपी जोशी भी मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं को नहीं धाम में जाने की अनुमति

कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन की पाबंदियों के कारण फिलहाल किसी भी श्रद्धालु को धाम में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। परंपराओं को निभाने के लिए सीमित संख्या में तीर्थ पुरोहितों को छोड़ कर किसी को भी धामों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। हालांकि, लॉकडाउन में श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पूजा का इंतजाम किया गया है। मंदिर समिति के सचिव कृत्तेश्वर उनियाल ने बताया कि, मंदिर में कुछ ही पुजारी ही नियमित रूप से पूजा-अर्चना करेंगे। इसके अलावा धाम में बिजली, पानी, शौचालय समेत सभी बुनियादी व्यवस्थाएं करीब करीब पूरी हैं। जानकीचट्टी से धाम तक पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग का निर्माण कार्य भी पूरा होने वाला है।

इस दिन खुलेंगे बदरीनाथ-केदारनाथ का कपाट

बता दें रविवार सुबह मां यमुना की डोली खरसाली से यमुनोत्री धाम के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान उन्हें विदा करने के लिए भाई शनिदेव की डोली भी निकली गई थी। परंपरा के मुताबिक, मुखबा गांव से मां गंगा की भोग मूर्ति की डोली यात्रा को शनिवार को ही गंगोत्री धाम के लिए रवाना कर दिया गया था। भैरोंघाटी स्थित प्राचीन भैरव मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद डोली यात्रा आज दोपहर तक गंगोत्री धाम पहुंची। बता दें केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खोले जाने हैं। जबकि, बदरीनाथ के कपाट आगामी 15 मई को खोले जाएंगे।

 

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