छठ पूजा से पहले जरूर जान लें व्रत के खास नियम, मिलेगा शुभ फल

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चैतन्य भारत न्यूज

हिंदुओं का प्रमुख त्योहार छठ पूजा की तैयारियां जोरों शोरों से चल रही हैं। छठ पूजा बिहार, यूपी, झारखंड, दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में चार दिनों तक धूमधाम से मनाया जाता है। इस व्रत में करीब 36 घंटों तक व्रत रखने वाले को निर्जला रहना होता है।

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इस बार छठ का यह पर्व 31 अक्टूबर को नहाय-खाय से शुरू हो चुका है जो 3 नवंबर को समाप्त होगा। इस पर्व को छठ पूजा के अलावा डाला छठ, छठी माई, छठ, छठ माई पूजा, सूर्य षष्ठी पूजा जैसे नामों से भी जाना जाता है। यह व्रत सबसे कठिन व्रत माना जाता है और इस व्रत के कई नियम भी होते हैं जिनका खास ख्याल रखना पड़ता है।



आइए जानते हैं इस व्रत के नियम।

  • छठ पूजा का व्रत साफ सफाई से जुड़ा है, इसलिए घर और पूजा स्थल आदि की साफ सफाई जरूर करें।
  • छठ पूजा में बांस के सूप का प्रयोग अनिवार्य माना गया है। हिंदू धर्म के मुताबिक, सूर्य उपासना के समय पूजा सामग्री को सूप में रखकर सूर्य देव को अर्पित किया जाता है।
  • सूर्यास्त से पूर्व और सूर्योदय के समय सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए गन्ने का प्रयोग जरूरी माना गया है।

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  • सूर्य देवता और छठी मैया को ठेकुआ और चावल के आटे के लड्डू का भोग जरूर लगाना चाहिए। यह इस पूजा का विशेष प्रसाद होता है।
  • पूजा के दौरान सूर्य को अर्घ्य देते समय लोहे, स्टील या प्लास्टिक के पात्र का इस्तेमाल करना वर्जित है।
  • छठ पूजा के समय शुद्ध एवं सात्विक भोजन ही करें।
  • पूजा के समय इस मंत्र का जाप करें।

षष्ठांशां प्रकृते: शुद्धां सुप्रतिष्ठाण्च सुव्रताम्।

सुपुत्रदां च शुभदां दयारूपां जगत्प्रसूम्।।

श्वेतचम्पकवर्णाभां रत्नभूषणभूषिताम्।

पवित्ररुपां परमां देवसेनां परां भजे।।

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