बच्चे से दुष्कर्म के आरोप में दोषी युवक को सरेआम पड़े 146 कोड़े, रोया-चिल्लाया लेकिन रहम नहीं, बीच में ही हुआ बेहोश

चैतन्य भारत न्यूज

दुनियाभर के कई देशों में बलात्कार के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाती है। इंडोनेशिया में एक बच्चे से दुष्कर्म के मामले में 19 वर्ष के एक युवक को सरेआम सजा दी गई। उसे आम लोगों के सामने 146 बार कोड़े मारे गए। इस दौरान वह चिखता-चिल्लाता रहा, लेकिन कोई नरमी नहीं बरती गई। कुछ कोड़े मारने के बाद उसकी हालत खराब हो गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उसका इलाज भी किया और फिर कोड़े मारे गए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, युवक को पिछले साल एक बच्चे का दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पहले उसे 169 बेंत मारने की सजा सुनाई गई। लेकिन उसके हालात देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अनफिट करार दे दिया। जिस कारण उसकी सजा को घटाकर 146 बेंत कर दिया गया था। इस सजा के दौरान आरोपी की हालत इतनी गंभीर हो गई कि सजा पूरी होते-होते वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। हालांकि अपनी सजा के दौरान रोनी नाम के इस व्यक्ति ने सजा देने वाली धार्मिक पुलिस को रुकने को भी कहा था और उसे कुछ देर के लिए मेडिकल उपचार की व्यवस्था भी कराई गई थी। लेकिन इसके बाद एक बार फिर उसे बेंत की सजा मिलने लगी जिसके बाद वो बेहोश हो गया था।

जानकारी के मुताबिक, एक डॉक्टर ने मेल ऑनलाइन के साथ बातचीत में ये खुलासा किया था कि जब आरोपी रोनी को 52 बेंत पड़े थे, तब उसके कमर पर काफी फफोले हो गए थे। अगर उसे ऐसे ही मार पड़ती रहती तो उसके ब्लड वेसल्स फट सकते थे। जिसके कारण उसकी हालत गंभीर हो सकती थी। ऐसे में उन्होंने सलाह दी थी कि उसकी सजा को टाला जाए और जब ये शख्स ठीक हो जाए तो उसे दोबारा सजा दी जा सकती है।

इसलिए दी जाती है सजा

असेह के अभियाजन दफ्तर के अधिकारी इवान ननजर अलावी ने कहा है कि सबसे ज्यादा सजा इसलिए दी जाती है ताकि दूसरों को ऐसा अपराध करने से पहले डर लगे। यह अकेला ऐसा इलाका है जहां ऑटोनॉमी के तहत इस्लामिक कानून का पालन किया जाता है। वहीं, गुरुवार को दो लोगों को अपनी उम्र से कम के पार्टनर्स के साथ संबंध बनाने के आरोप में 100 कोड़े मारे गए थे।

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