चीनी प्रोफेसर की सरकार से मांग- महिलाओं को मिले दो पति रखने की इजाजत

चैतन्य भारत न्यूज

जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए दुनिया के कई देशों में अलग-अलग तरह के नियम बनाए गए हैं। लेकिन कई बार इन नियमों के गलत परिणाम सामने आ जाते हैं। भारत के पड़ोसी देश चीन में भी बहुत साल पहले जनसंख्या नियंत्रित करने के लिए एक बच्चे की नीति अपनाई गई थी। इससे वहां जनसंख्या नियंत्रण तो हो गया लेकिन इसका दुष्प्रभाव भी पड़ा है।

अब इसी दुष्प्रभाव को देखते हुए चीन के शंघाई में फुडान यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर इ्यू क्वांग एनजी ने चीन की सरकार को एक अजीबोगरीब सलाह दी है। इकोनॉमिक्स के प्रोफेसर क्वांग ने कहा है कि, चीन में महिलाओं को एक से अधिक पति रखने की अनुमति मिलनी चाहिए। पतियों की संख्या दो हो सकती है। इसके पीछे उनका तर्क एक से अधिक बच्चा पैदा करने को लेकर है।

प्रोफेसर ने एक बिजनेस वेबसाइट पर लिखे अपने कॉलम में यह सुझाव दिया है। इसका शीर्षक है, ‘क्या बहुपतित्व वास्तव में हास्यास्पद विचार है?’ क्वांग ने लिखा कि, ‘यदि लिंगानुपात इतना असंतुलित नहीं होता तो मैंने पॉलेंड्री (एक से अधिक पति रखना) का सुझाव नहीं दिया होता।’ उन्होंने कहा कि, ‘मैं एक से अधिक पति रखने की वकालत नहीं कर रहा हूं। मैं सिर्फ सुझाव दे रहा हूं कि हमें असंतुलित लिंगानुपात के विकल्प पर विचार करना चाहिए।’

बता दें कि चीन में 1980 से एक बच्चा नीति लागू है। हालांकि, साल 2016 में इसमें ढील दी गई थी। इसमें अल्पसंख्यकों पर बच्चों की संख्या की पाबंदी नहीं है। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले हान मूल के नागरिकों को दो बच्चे की छूट है।

प्रोफेसर क्वांग ने बताया कि, वर्तमान में चीन में लिंगानुपात 117/100 है। यानी वहां 117 लड़कों के मुकाबले सिर्फ 100 लड़कियां ही हैं। इसके कारण चीन में कई युवकों को शादी के लिए लड़कियां नहीं मिल रही है। ऐसे में भविष्य में होने वाली गंभीर समस्या को लेकर प्रोफेसर ने सरकार को ऐसी सलाह दी है ताकि लिंगानुपात को ठीक किया जा सके।

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