साढ़े सात लाख का इनामी डकैत बबुली कोल और उसका साथी मारा गया, यूपी और एमपी में मचा रखा था आतंक

babuli kaul

चैतन्य भारत न्यूज

पिछले कई सालों से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश पुलिस के लिए सिरदर्द बना कुख्यात डकैत बबुली कोल का आतंक अब खत्म हो चुका है। बबुली कोल और उसके एक साथी लवलेश की लाश सतना के जंगल से बरामद हुई है। सतना पुलिस ने दोनों को एक एनकाउंटर में मार गिराने का दावा किया है।

बता दें बबुली पर करीब 6 लाख रुपए और लवलेश पर डेढ़ लाख का इनाम घोषित था। वह उत्तर प्रदेश के साथ मध्य प्रदेश के पाठा इलाके में करीब डेढ़ दशक से सक्रिय था। पहले यह खबर आई थी कि, फिरौती की रकम बंटवारे पर उनकी गैंग में झगड़ा हुआ और फिर गैंगवार में बबुली को उसके साथी लोली कोल ने मार दिया। लेकिन पुलिस ने बबुली और उसके साथी को एनकाउंटर में मार गिराने का दावा किया है। सूत्रों के मुताबिक, इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने 35 राउंड फायर किए, जबकि डकैतों द्वारा 16 राउंड गोली चलाई गई।


कौन है बबुली कोल?

बबुली उत्तर प्रदेश के मानिकपुर के पास के एक गांव का रहने वाला है। उसे 2006 में डकैतों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन 6 महीने जेल में सजा काटने के बाद बबुली बंदूक लेकर जंगल में कूद गया था। फिर 2007 में उसने मानिकपुर रेलवे स्टेशन के पास कामायनी एक्प्रेस ट्रेन में डकैती डाली थी। विरोध करने पर उसने एक विदेशी रशियन महिला की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद से ही उसने दोनों राज्य में दहशत फैला रखी थी। उसका रिकॉर्ड है कि जब भी बबुली ने किसी का अपहरण किया, तो उसे बिना फिरौती लिए नहीं छोड़ा।

सवा सौ मुकदमे दर्ज

बबुली और लवेलश के उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, बांदा, प्रयागराज और मध्य प्रदेश के सतना, रीवा में अलग अलग थानों में हत्या, लूट और डकैती के करीब सवा सौ मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसकी गैंग की पहचान आईएस-262 के रूप में की थी। उसकी गैंग के पास एके-47 से लेकर और भी कई सारे अत्याधुनिक हथियार थे। गैंग में करीब 13 सदस्यों के होने की बात भी सामने आई थी।

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