चित्रकूट अपहरण/हत्याः मुख्यमंत्री कमलनाथ ने परिजनों से की फोन पर बात, बोले करेंगे कड़ी कार्रवाई

चैतन्य भारत न्यूज।

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चित्रकूट में चलती स्कूल बस से कुछ दिनों पहले जुड़वा भाई श्रेयांश और प्रियांश की अपहरण के बाद हत्या पर दुख जताया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले में बच्चों के परिजनों से फोन पर चर्चा कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि इस घटना ने मुझे झकझोर दिया है, निश्चित तौर पर यह घटना बेहद दुखद है और मुझे खुद इस बात का अफसोस है कि हम बच्चों को सकुशल वापस नहीं ला पाए।

दोषियों पर करेंगे कार्रवाई

सीएम कमलनाथ ने कहा कि पूरी सरकार इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि हम निश्चित ही दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे।

नदी में मिले हैं मासूमों के शव

चित्रकूट से 12 फरवरी को अगवा किए गए दो जुड़वां भाइयों श्रेयांश और प्रियांश के शव 12 दिन बाद आज बांदा में यमुना नदी में मिले। बताया जा रहा है कि अपहरणकर्ताओं ने एक करोड़ रुपए फिरौती मांगी थी। पुलिस ने 6 अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है।

दिए 20 लाख

परिजन ने 20 लाख रुपए दे भी दिए थे। अपहृत बच्चों को ढूंढने में एमपी-यूपी की 26 पुलिस टीम के साथ ही साथ एसटीएफ फेल रही।

अपहरणकर्ताओं ने क्रूरतापूर्व दोनों मासूमों के हाथ पैर रस्सी व जंजीर से बांधकर जिंदा मर्का थाना क्षेत्र के औगासी गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर बाकल गांव के समीप देवी मंदिर के बगल से बह रही यमुना नदी में फेंक दिया था। बच्चों के शव बरामद होने के बाद चित्रकूट में कुछ जगहों पर हिंसा की भी खबरें हैं। बच्चों की उम्र छह साल थी।

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चित्रकूट से अगवा किए गए बच्चों के शव नदी में मिले

चित्रकूट में प्रदर्शन शुरू, 1500 जवान तैनात

घटना से लोगों में आक्रोश है।  लोग सड़कों पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई है। जानकी कुंड इलाके में लोगों ने जाम लगाकर पुलिस और सद्गुरु सेवा ट्रस्ट के खिलाफ नारेबाजी की। पूरे इलाके में दो से तीन हजार की संख्या में लोग जुटे हैं। कुछ जगहों पर तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं।

बंदूक की नोंक पर किया था अपहरण

बता दें कि 12 फरवरी को चलती बस से बंदूक की नोंक पर दोनों बच्चों का अपहरण किया गया था।

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