उप्र में नागरिकता कानून पर बवाल, 9 लोगों की मौत, 21 जिलों में इंटरनेट बैन, 31 जनवरी तक धारा 144 लागू

caa protest in up

चैतन्य भारत न्यूज

लखनऊ. नागरिकता कानून (CAA) और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिजनशिप (NRC) के खिलाफ उत्तर प्रदेश हिंसा की आग में झुलस रहा है। उत्तर प्रदेश में राजधानी लखनऊ समेत डेढ़ दर्जन शहरों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर हंगामा और तोड़फोड़ की। जानकारी के मुताबिक, राज्य में हुई इस हिंसा में अब तक 9 लोगों की जान जा चुकी है।

मुख्यमंत्री योगी ने की शांति की अपील

सूत्रों के मुताबिक, मेरठ में चार, वाराणसी, कानपुर, बिजनौर और संभल में दो-दो लोगों की मौत हुई है। जबकि फिरोजाबाद में एक व्यक्ति की मौत हुई। इसके अलावा लगभग तीन दर्जन लोग भी घायल हुए हैं। प्रदेश में बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी से शांति की अपील की है। साथ ही उन्होंने राजनीतिक दलों पर इस आग को भड़काने का आरोप भी लगाया है।

21 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बाधित

वहीं यूपी के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने दावा किया है कि एक भी प्रदर्शनकारी की मौत पुलिस की फायरिंग से नहीं हुई है। अफवाहों और हिंसा को बढ़ावा देने वाले संदेशों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने करीब 21 जिलों में इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी है। साथ ही शनिवार को प्रदेश भर के स्कूल, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को भी बंद रखा गया है।

31 जनवरी तक राज्य में धारा 144 लागू

बता दें नागरिकता कानून के खिलाफ पश्चिम उत्तर प्रदेश में हिंसा की सबसे ज्यादा घटनाएं हुई हैं। शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कई जिलों में जमकर बवाल हुआ। गोरखपुर, बिजनौर, फिरोजाबाद, संभल, कानपुर समेत कई जिलों में पुलिस पर पथराव और जगह जगह आगजनी की गई। पूरे प्रदेश में बढ़ती हिंसा और बवाल को देखते हुए 31 जनवरी, 2020 तक धारा 144 लागू कर दी गई है। इसके अलावा हिंसाग्रस्त इलाकों में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।

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