कोयला तस्करी केस: ममता के भतीजे अभिषेक के घर पहुंची CBI, बहू रुजिरा से डेढ़ घंटे तक पूछताछ, जानिए पूरा मामला

चैतन्य भारत न्यूज

कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और पत्नी रुजिरा बनर्जी से कोयले की अवैध तस्करी मामले में पूछताछ करने के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों की एक टीम मंगलवार को उनके घर पहुंची थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई ने करीब डेढ़ घंटे तक रुजिरा से पूछताछ की।


सीबीआई ने तैयार की थी सवालों की लिस्ट

मंगलवार को सीबीआई की टीम ने रुजिरा बनर्जी से कई सवाल किए। सीबीआई की ओर से पहले ही सवालों की लंबी लिस्ट तैयार की गई थी। जिनमें कोयला तस्करी में अनूप माझी से क्या रिश्ता है? अनूप माझी ने आपके खाते में पैसे क्यों भेजे? अनूप माझी का नाम कोयला घोटाले में मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया है। रुजिरा बनर्जी पर तीन बड़े आरोप लगाए जा रहे हैं। पहला कोयला घोटाले में लेन-देना, दूसरा- विदेशी खातों में रकम, तीसरा- नागरिकता विवाद।

क्या है मामला?

असल में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 27 नवंबर, 2020 को ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ECL) के कई अधिकारियों-कर्मचारियों और अनूप मांझी उर्फ लाला, सीआईएसएफ और रेलवे के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप था कि ईसीएल, सीआईएसएफ, रेलवे और संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत से ईसीएल के लीजहोल्ड क्षेत्र से कोयले की चोरी और तस्करी की गई।

अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप

सीबीआई ने यह FIR मई, 2020 में ईसीएल के कई लीज एरिया पर टास्क फोर्स की रेड के बाद दर्ज की थी। बाद में जांच के तहत सीबीआई कई छापेमारी की। दर्ज एफआईआर में अनूप मांझी को अवैध खनन का मुख्य आरोपी बताया। सीबीआई ने पिछले साल 28 नवंबर को पश्चिम बंगाल के 45 स्थानों पर छापे मारे। बाद में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी विनय मिश्रा के यहां भी छापे मारे गए। विनय मिश्रा को सीबीआई ने चार बार तलब किया, लेकिन वह एजेंसी के सामने कभी पेश नहीं हुए। विनय मिश्रा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और लुक-आउट नोटिस भी जारी किए गए हैं।

बहरहाल, सूत्रों का कहना है कि जांच के दौरान कुछ बयानों में रुजीरा नरूला का नाम सामने आया। रुजिरा की फर्म लीप्स एंड बाउंड्स मैनेजमेंट सर्विस पर संदेह है। इसमें कुछ लेनदेन की आशंका है। असल में, अभिषेक ने अपनी मां लता के नाम 2010 में लीप्स एंड बाउंड्स नामक एक फर्म शुरू की। 4 मई, 2011 को इसे पंजीकृत किया गया था। 19 अप्रैल 2012 को अभिषेक ने एक दूसरी कंपनी लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड शुरू की। तीसरी कंपनी 20 मार्च 2017 को शुरू की गई थी, जिसमें रुजीरा बनर्जी और पिता अमित भागीदार थे।

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