CAA: समर्थन में प्रदर्शन कर रहे बीजेपी नेता को महिला कलेक्टर ने जड़ा थप्पड़, शिवराज सिंह चौहान ने की केस दर्ज कराने की मांग

nidhi nivedita

चैतन्य भारत न्यूज

राजगढ़. मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के समर्थन में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा रविवार को रैली निकाली गई। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासन के बीच टकराव देखने को मिला।


क्या है मामला

दरअसल कलेक्टर निधि निवेदिता ने इस रैली की अनुमति नहीं दी थी और धारा 144 लगा दी थी। कलेक्टर द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद भाजपा नेताओं ने नागरिकता कानून के समर्थन में रैली का आयोजन किया। निधि निवेदिता ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शन करने से रोका लेकिन फिर भी वे नहीं माने। इसे लेकर कलेक्टर और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हो गई। नाराज कलेक्टर खुद मैदान में उतरीं और प्रदर्शनकारियों को रोकने लगी। इसी दौरान उन्होंने एक प्रदर्शनकारी को चांटा भी मार दिया।

दो वीडियो हो रहे वायरल

निधि निवेदिता के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। एक वीडियो में वे कुछ लोगों को थप्पड़ मारते नजर आ रही हैं। जबकि दूसरे वीडियो में तिरंगे लिए कुछ लोग उनके साथ धक्का मुक्की कर रहे हैं। बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस समेत विपक्ष के लोग उन्हें बहादुर अफसर बता रहे हैं।

पूर्व सीएम ने सरकार को दी चेतावनी

राजगढ़ प्रशासन के कहने पर 650 नेताओं पर बिना इजाजत के प्रदर्शन करने पर मुकदमा भी दर्ज हो गया है। अब बीजेपी चाहती है कि पार्टी कार्यकर्ताओं से मारपीट के आरोप में निधि पर भी केस हो। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो कमलनाथ की सरकार को चेतावनी दी है। शिवराज ने कमलनाथ की सरकार के समक्ष कई सवाल रखे हैं, वह जानना चाहते हैं क्या सीएम ने कलेक्टर को यह आदेश दिया था? साथ ही उन्होंने कलेक्टर निधि निवेदिता से पूछा है कि, उन्होंने कहां से लॉ की पढाई की है जो वह बेकसूर प्रोटेस्टर को तमाचा मार रही हैं?

शिवराज सिंह ने ट्वीट किया कि, ‘मैं किसी भी कीमत पर इस तरह की घटना बर्दाश्त नहीं कर सकता। मैं 22 जनवरी को राजगढ़ आकर वहाँ के निरपराध लोगों के साथ प्रशासन द्वारा की गई बर्बरता के खिलाफ प्रदर्शन करूंगा।’

उन्होंने एक और ट्वीट किया जिसमें लिखा कि, ‘राजगढ़ का यह कृत्य कांग्रेस सरकार के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। इसके खिलाफ हम एक विशाल जनांदोलन खड़ा करेंगे। हम कलेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायेंगे और अगर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो कोर्ट भी जायेंगे! #IndiaSupportsCAA’


शिवराज ने एक वीडियो भी शेयर किया और लिखा कि, ‘राजगढ़ की घटना से मैं स्तब्ध हूं! हाथों में तिरंगा झंडा लिए, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदेमातरम’ के नारे लगा रहे लोगों के साथ ऐसी बर्बरता की जायेगी, इसकी मैंने कल्पना भी नहीं की थी। यह मध्यप्रदेश में क्या हो रहा है? #IndiaSupportsCAA’

पहले भी विवादों में रही हैं निधि निवेदिता

2012 बैच की आईएएस निधि निवेदिता की पढ़ाई-लिखाई झारखंड में हुई है। निधि निवेदिता की गिनती सख्त और ईमानदार अफसरों में होती है। राजगढ़ की कलेक्टर बनने से पहले भी वह कई बार विवादों में रही हैं। इसके पहले वह उस समय चर्चा में आईं थीं जब वे सिंगरौली में जिला पंचायत की सीईओ थीं। निधि निवेदिता ने एक पंचायत सचिव से उठक बैठक करवा दी थी। दरअसल वह शौचालय योजना का निरीक्षण करने निकली थीं। इस दौरान उन्हें एक जगह पर टॉयलेट बना हुआ नहीं मिला। जबकि वहां के पंचायत सचिव ने शौचालय की फर्जी तस्वीर रिकॉर्ड में लगा दी थी। यह सब देख निधि निवेदिता नाराज हो गईं और उन्होंने मौके पर ही पंचायत सचिव सुरेश सिंह को सजा दे दी।

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