नहीं रहा कांग्रेस का ‘चाणक्य’, अहमद पटेल का निधन, चल रहा था कोरोना का इलाज

चैतन्य भारत न्यूज

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गुजरात से राज्यसभा सांसद अहमद पटेल का 71 साल की उम्र बुधवार तड़के निधन हो गया। वह 1 अक्टूबर को कोरोना संक्रमित हुए थे। 15 अक्टूबर को अहमद पटेल को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अहमद पटेल के बेटे फैजल पटेल ने ट्वीट कर कहा कि उनके पिता अहमद पटेल का आज सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर निधन हो गया है। पटेल को कांग्रेस का ‘चाणक्य’ माना जाता था। वह दशकों तक गांधी परिवार के सबसे करीबी नेता रहे।


जानकारी के मुताबिक, अहमद पटेल को गुजरात के भरूच स्थित उनके पैतृक गांव पीरामन में ही सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अहमद पटेल की ये इच्छा थी कि उन्हें उनके माता-पिता के साथ ही दफन किया जाए, जिसके बारे में उन्होंने अपने बेटे को कहा था। उनके बेटे फैसल पटेल ने लिखा- ‘बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि मेरे पिता अहमद पटेल का निधन 25 नवंबर को तड़के 3।30 बजे हो गया। करीब महीने भर पहले वह कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद से उनकी हालत बिगड़ती गई और शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया। मैं सभी शुभचिंतकों से प्रार्थना करता हूं कि वे कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करें और भीड़ न करें व सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें।’

प्रधानमंत्री ने शोक जताया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, ‘अहमद पटेल जी के निधन से दुखी हूं। उन्होंने कई साल सार्वजनिक जीवन में समाज के लिए काम किया। उन्हें अपने तेज दिमाग के लिए जाना जाता था। कांग्रेस को मजबूत करने के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे। मैंने उनके बेटे फैजल से बात की है। उनकी आत्मा को शांति मिले।’


राहुल गांधी ने कहा, ‘आज दुखद दिन है। अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के स्तंभ थे। वे हमेशा पार्टी के लिए जिए और कठिन वक्त में हमेशा पार्टी के साथ खड़े रहे। हमेशा उनकी कमी खलेगी।’

अहमद पटेल के निधन पर गुलाम नबी आजाद ने लिखा- ‘मैंने अपना भाई, दोस्त और साथी खो दिया। अहमद पटेल कांग्रेस पार्टी के मजबूत स्तंभ थे। उनका जाना पार्टी के लिए ऐसी क्षति है, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।’

सोनिया का शोक संदेश

‘मैंने ऐसा सहयोगी खो दिया, जिसने अपनी पूरी जिंदगी कांग्रेस को समर्पित कर दी थी। उनकी विश्वसनीयता, काम के प्रति समर्पण, दूसरों की मदद करने जैसे गुण उन्हें दूसरों से अलग बनाते थे। उनकी क्षतिपूर्ति नहीं हो सकती। उनके परिवार के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।’

ऐसा रहा राजनीतिक सफर

अहमद पटेल तीन बार लोकसभा के सदस्य रहे हैं और 5 बार राज्यसभा के सांसद रहे हैं। अगस्त 2018 में उन्हें कांग्रेस पार्टी का कोषाध्याक्ष नियुक्त किया गया था। पहली बार 1977 में 26 साल की उम्र में भरूच से लोकसभा का चुनाव जीतकर अहमद पटेल संसद पहुंचे थे। हमेशा पर्दे के पीछे से राजनीति करने वाले अहमद पटेल कांग्रेस परिवार के विश्वस्त नेताओं में गिने जाते थे। वे 1993 से राज्यसभा सांसद थे।

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