बगावती तेवर दिखाने के बाद फिर पार्टी में लौटे सचिन पायलट, कहा- मैंने कड़वा घूंट पिया है

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली/ जयपुर. राजस्थान में पिछले कई दिनों से चल रहा सियासी संग्राम अब खत्म हो गया है। बगावती तेवर दिखाने वाले सचिन पायलट अब कांग्रेस में वापस आ गए हैं। सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से पायलट ने मुलाकात की। उन्होंने इस दौरान अपनी शिकायतें बताई। जिसके बाद पार्टी की हाईकमान ने उन्हें आश्वस्त किया कि जल्द से जल्द उनकी शिकायतों पर कार्रवाई की जाएगी।

राज्य में पायलट द्वारा उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए कांग्रेस ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। पायलट और गहलोत दोनों ने ही समिति गठन करने के फैसले का स्वागत किया है। गहलोत ने जहां इस निर्णय का स्वागत किया तो दूसरी ओर पायलट ने भी अपना रुख नर्म करते हुए कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत शत्रुता का स्थान नहीं है।

कांग्रेस में लौटने के बाद सचिन पायलट ने कहा कि, दिल्ली में आकर हमारे साथियों ने मुद्दों को उठाया था, पार्टी ने हमारी बात को सुना है। अब पार्टी की ओर से क्या पद और जिम्मेदारी दी जाएगी, वो पार्टी पर निर्भर है। पार्टी ने सभी मुद्दों का हल निकालने की बात कही है।’ उन्होंने आगे कहा कि, ‘बीते वक्त में क्या हुआ और भविष्य में क्या होगा, उसपर अब कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। मेरे लिए कुछ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया, जिनसे ठेस पहुंची और मैंने कड़वा घूंट पिया है। मामला सुलझने की ओर बढ़ गया है, मैंने कहा भी था कि कमेटी तो पहले भी बनी हैं, लेकिन पार्टी ने अब मामला जल्द सुलझाने का वादा किया है।’

पायलट ने बताया कि, ‘मैंने और कुछ विधायकों द्वारा मुद्दे उठाए जाने के बाद कांग्रेस ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। जो मुद्दे हमने उठाए वह बहुत महत्वपूर्ण हैं। राजनीति में द्वेष या व्यक्तिगत शत्रुता का कोई स्थान नहीं है। राहुल और प्रियंका गांधी दोनों ने हमारी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि उन्हें हल करने के लिए एक रोड मैप तैयार किया जाएगा।’

वहीं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा उन्हें ‘निकम्मा’ कहने पर पायलट ने कहा, ‘मैंने अपने परिवार से कुछ मूल्यों को ग्रहण किया है, मैंने किसी का कितना भी विरोध किया हो, लेकिन कभी ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं किया। अशोग गहलोत जी मुझसे बड़े हैं और मैं व्यक्तिगत तौर पर उनका सम्मान करता हूं लेकिन मुझे काम से संबंधित मुद्दों को उठाने का अधिकार है।’ पायलट ने कहा, ‘मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, ये चीजें आती हैं और जाती हैं। हमें जनता के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में काम करने की जरूरत है।’

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ‘हमारी पार्टी में भाईचारा और शांति बनी रहेगी। शिकायतों के निपटारे के लिए तीन सदस्यी समिति का गठन किया गया है। भाजपा ने सरकार गिराने की भरपूर कोशिश की, लेकिन अंत में हमारे सभी विधायक साथ हैं, हमारे एक भी विधायक ने हमारा साथ नहीं छोड़ा है।’ गहलोत ने आरोप लगाया, ‘आयकर और सीबीआई का दुरुपयोग किया जा रहा है और धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है। लेकिन, हमारी सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और हम अगले चुनाव में भी जीत हासिल करेंगे।’

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