6 महीने के भीतर कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुना जाएगा, जानिए अध्यक्ष के चुनाव की पूरी प्रक्रिया

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी से नया प्रमुख चुनने की अपील की है। बता दें सोनिया का अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर एक साल पूरा हो चुका है और पार्टी अब नए सिरे से अध्यक्ष चुनने के लिए तैयार है। सोमवार को इसे लेकर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक हुई। बैठक में सात घंटे के मंथन के बाद आखिरकार यह तय हुआ कि फिलहाल पार्टी की कमान सोनिया गांधी के हाथों में ही रहेगी।

बता दें बैठक से पहले पार्टी के कई नेता और पूर्व मंत्रियों समेत करीब 23 लोगों ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी में कई बदलाव करने की मांग की है और साथ ही अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराने के लिए भी कहा है। बैठक में यह भी तय हुआ है कि अगले 6 महीने के भीतर कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुना जाएगा। तो चलिए जानते हैं कि कांग्रेस मं। कैसे पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव होता है और उसकी पूरी प्रक्रिया क्या किस प्रकार संपन्न होती है।

कांग्रेस पार्टी के संविधान में अपने अध्यक्ष के चुनाव की विस्तृत प्रक्रिया दी गई है। पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में अध्यक्ष के चुनाव की तारीख तय की जाती है। इसके साथ ही कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सबसे पहले पार्टी अपने किसी एक वरिष्ठ सदस्य को रिटर्निंग अधिकारी के तौर पर नियुक्त करती है, जो चुनाव प्रक्रिया को संपन्न कराने का काम करता है।

कांग्रेस अध्यक्ष की उम्मीदवारी के लिए ये शर्त

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य अध्यक्ष पद के उम्मीदवार के लिए प्रस्तावक की भूमिका अदा करते हैं। ऐसे ही कोई भी दस सदस्य अध्यक्ष पद के लिए किसी उम्मीदवार का नाम आगे कर सकते हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव उन सभी व्यक्तियों के लिए खुला होता है, जिनके पास प्रदेश कांग्रेस कमेटी के 10 सदस्यों का समर्थन हो। बिना दस सदस्यों के समर्थन के कांग्रेस अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी नहीं हो सकती है। पार्टी संविधान के अनुच्छेद 12 के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी सदस्य भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधि होंगे।

अध्यक्ष पद से उम्मीदवारों के सभी नामों को रिटर्निंग अधिकारी के सामने तय तारीख पर रखा जाता है। आम चुनावों की तरह ही कांग्रेस में भी नामांकन भरने के बाद उसे वापस लेने के लिए सात दिनों की मोहलत दी जाती है। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी अध्यक्ष पद के नामों को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पास भेजते हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल 5 साल होता है

अगर नाम वापस लेने के बाद अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही उम्मीदवार रहता है तो उसे अध्यक्ष मान लिया जाता है। वो कांग्रेस का पूर्णकालिक अध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण करता है और कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल पांच साल का होता है। वहीं, अगर अध्यक्ष पद से लिए एक से ज्यादा उम्मीदवार होते हैं तो कांग्रेस वर्किंग कमिटी और प्रदेश कांग्रेस कमिटी के सभी सदस्य इसने चुनाव में हिस्सा लेते हैं, जिसकी प्रक्रिया बहुत जटिल है और आज तक कांग्रेस के इतिहास में इसकी नौबत आई ही नहीं। ऐसी हालत में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए कम से कम 50 फीसदी वोट हासिल करने होते हैं। जानकारी के मुताबिक, सीडब्ल्यूसी के पास अस्थाई अध्यक्ष चुनने की भी शक्तियां हैं, जिसके तहत सोमवार को सोनिया गांधी का कार्यकाल अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर एक साल के लिए बढ़ा दिया है।

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