प्रयागराजः गंगा किनारे दफन शवों के ऊपर से हटी रेत की चादरें, सरकार ने रातों-रात साफ करवाए कफन

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना की दूसरी लहर ने उत्तर प्रदेश के शहर-शहर में हाहाकार मचा दिया है। कोरोना से मौत के मामलों को लेकर प्रयागराज भी देश-दुनिया की सुर्खियों में है। इसकी वजह है गंगा किनारे दफन हजारों शव। संगम नगरी प्रयागराज में तो हालात ये हैं कि गंगा किनारे ही रेत पर दर्जनों शवों को दफनाया गया था। लेकिन जब यहां पर दफनाए गए शवों पर से रेत हटी और फिर शव बाहर दिखने लगे, तो नगर निगम के कर्मचारियों द्वारा शवों को फिर से ढका जा रहा है और इनपर बालू डाली जा रही है।

कोरोना के प्रकोप के बीच संगम किनारे दफनाए गए शवों की तस्वीरों ने पूरे देश को झकझोर दिया था। राज्य सरकार पर कई सवाल खड़े किए गए। लेकिन शवों का हाल तब बुरा हो गया, जब तेज बारिश, हवा के कारण रेत हटने लगी। ऐसे में दफनाए गए शव बाहर आने शुरू हो गए, कुछ तस्वीरें ऐसी भी वायरल हुईं जिनमें कुत्ते शवों को नोच रहे थे।

रविवार रात को प्रशासन ने श्रृंगवेरपुर घाट पर रातों-रात जेसीबी और मजदूर लगाकर शवों के निशान मिटा डाले। घाट पर लोगों ने अपने प्रियजनों के शवों की पहचान के लिए जो बांस और चुनरियों से निशान बनाए थे, वो अब पूरी तरह गायब हैं। अब श्मशान घाट के एक किलोमीटर दायरे में सिर्फ बालू ही बालू नजर आ रही है।

एसपी बोले- निशान हटाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे

प्रयागराज के एसपी गंगापर धवल जायसवाल का कहना है कि श्रृंगवेरपुर में शवों के निशान कैसे और किसने हटवाए, इसकी जांच की जाएगी। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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