कोरोना संक्रमित डायबिटीज के मरीजों में बढ़ रहा म्यूकोरमाइकोसिस का खतरा, नाक-कान-गले में हो रहा इंफेक्शन

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस के नए-नए लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे में अनियंत्रित डायबिटीज, किडनी, हायपरटेंशन और मोटापे की समस्या से जूझ रहे लोगों को खासतौर से सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल, इन बीमारियों वाले लोग एक नई परेशानी से जूझ रहे हैं।

60 मरीजों की हुई पहचान

अहमदाबाद में अब तक ऐसे करीब 60 मरीजों की पहचान की गई है, जो अब म्यूकोरमाइकोसिस (फंगल इंफेक्शन) नाम की घातक बीमारी की चपेट में आ गए हैं। इनमें से 9 लोगों की तो मौत भी हो चुकी है, जबकि 3 लोगों की आंखों की रोशनी जा चुकी है। ऐसे 30 से ज्यादा मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं।

रोजाना 3-4 मरीज आ रहे

सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, मल्टीपल बीमारियों वाले लोगों के लिए कोरोना अब बड़ी आफत बन रहा है। ऐसे मरीजों को खून का थक्का बनने की भी शिकायत हो रही है। ऐसे में उनका शुगर लेवल बढ़ जाता है। इसके अलावा नाक-कान में इन्फेक्शन होने के बाद फंगस हो जाता है। इससे पूरे चेहरे पर सूजन आ जाती है। सबसे ज्यादा असर आंखों पर पड़ता है। यदि सही समय पर इलाज न मिले तो आखों की रोशनी भी जा सकती है। जानकारी के मुताबिक, रोजाना ऐसी 3-4 मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।

बिलकुल लापरवाही न बरतें

अहमदाबाद के सिविल अस्पताल की डॉक्टर बेलाबेन प्रजापति ने बताया कि, शुरुआती लक्षणों में मरीज को पहले सर्दी-जुकाम होता है। ऐसी में ज्यादातर लोग डॉक्टर के पास ना जाकर घरेलू इलाज शुरू कर देते हैं। इससे इंफेक्शन फैलता चला जाता है। फिर धीरे-धीरे कफ जमने लग जाता है और नाक के पास गांठ बन जाती है। गांठ का असर आंखों पर पड़ता है जिससे आंखें चिपकने लगती है। फिर सिर में भी तेज दर्द होने लगता है। इसलिए आंख, गाल में सूजन और नाक में रुकावट अथवा काली सुखी पपड़ी पड़ने के तुरंत बाद एंटी-फंगल थैरेपी शुरू करा देना चाहिए।

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