पोलिंग बूथ की तर्ज पर तैयार किए गए वैक्सीन बूथ, अब तक 57 हजार लोगों को दी गई ट्रेनिंग, यहां समझे पूरी प्रक्रिया

चैतन्य भारत न्यूज

भारत ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए कमर कस ली है। टीकाकरण की शुरुआत का सभी देशवासियों को बेसब्री से इंतजार है। कोविशील्ड और कोवैक्सीन जैसी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए एक्सपर्ट कमेटी की हरी झंडी भी मिल चुकी है। शनिवार से देशभर में टीकाकरण की प्रक्रिया के लिए ड्राई रन भी शुरू हो चुका है। अब जल्द ही देश में टीकाकरण शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।

पोलिंग बूथ की तरह तैयार किए गए वैक्सीन बूथ

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में वोटर लिस्ट के आधार पर तैयार सूची के जरिए वैक्सीनेशन किया जाएगा। वैक्सीन बूथों को पोलिंग बूथ की तर्ज पर तैयार किया गया है और यहां ट्रेनिंग दी जा रही है। अब तक देश भर के 719 जिलों में 57 हजार से अधिक लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। वैक्सीनेशन साइट पर सिर्फ उन्हीं लोगों को टीका लगाया जाएगा जो प्राथमिकता के आधार पर पहले ही रजिस्टर्ड होंगे।

ऐसे मिलेगा वैक्सीनेशन की जानकारी

वैक्सीनेशन के लिए रजिसटर्ड फोन नंबर पर SMS के जरिए जानकारी दे दी जाएगी कि आपको किस समय वैक्सीन बूथ पर पहुंचना है। बता दें कि वैक्सीनेशन ड्राइव के लिए Co-WIN नाम से एक ऐप बनाया गया है। जिसके जरिए वैक्सीनेशन के लिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी। साथ ही वैक्सीनेशन के बाद ई-सर्टिफेकेट भी दिया जाएगा।

ऐसे होंगे वैक्सीनेशन बूथ?

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हर वैक्सीनेशन बूथ पर 3 कमरें होंगे। इनमें पहला वेटिंग रूम या एरिया, दूसरा वैक्सीनेशन रूम और तीसरा ऑब्जर्वेशन रूम होगा। ऑब्जर्वेशन रूम में टीका लगवाने के बाद लाभार्थी को 30 मिनट तक इंतजार करना होगा। इस कमरे में पीने के पानी और टॉयलेट की सुविधा भी रहेगी। टीकाकरण यानी वैक्सीनेशन के बाद 30 मिनट निगरानी में रहना होगा, जिससे देखा जा सके कि कोई प्रभाव तो नहीं पड़ा।

पहले चरण में इन्हें लगेगे टीका

वैसे तो हर देशवासी को कोरोना से बचाव के लिए टीका लगाए जाने की योजना है, लेकिन सबसे पहले 30 करोड़ लोगों को टीका लगेगा। प्राथमिकता के आधार पर सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर्स और सीनियर सिटिजंस को वैक्सीन देने की तैयारी है। पोलिंग बूथ के आधार पर वैक्सीन बूथ बनाकर वैक्सीनेशन किया जाएगा।

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