कोरोना वैक्सीन अभियान आज से शुरू, जानिए क्या होती है वैक्सीन और यह कैसे करती है काम?

चैतन्य भारत न्यूज

16 जनवरी यानी आज से देश में कोरोना वैक्सीन अभियान की शुरुआत हो रही है। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट वारियर्स को वैक्सीन लगेगी। लेकिन एक सवाल जो ज्यादातर लोगों के मन में आता है कि आखिर वैक्सीन होती क्या है। तो चलिए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं।

वैक्सीन क्या है?

हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम प्राकृतिक रूप से कीटाणुओं से हमारे शरीर की रक्षा करता है। जब रोगाणु शरीर पर हमला करता है तो शरीर का इम्यून सिस्टम इससे लड़ने के लिए विशेष कोशिकाओं को भेजता है। कभी-कभी इम्यून सिस्टम स्वाभाविक रूप से इतना मजबूत नहीं होता है कि रोगाणु को खत्म कर शरीर को बीमारी से बचा सके। इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का एक तरीका है और वो है वैक्सीन। इसे इम्यून सिस्टम के लिए एक ट्रेनिंग कोर्स कहा जा सकता है। कई बार वैक्सीन हमारे इम्यून सिस्टम की नैचुरल प्रक्रिया को नुकसान भी पहुंचा सकती है। हालांकि, आमतौर पर वैक्सीनेशन या टीकाकरण कराने वाला व्यक्ति बीमार नहीं पड़ता है।

कैसे काम करती है वैक्सीन?

वैक्सीन किसी रोगाणु का कमजोर या निष्क्रिय रूप ही होती है। वैक्सीन से इम्यून सिस्टम में रोगाणु की मेमोरी बन जाती है, यानी इम्यून उस रोगाणु को अच्छी तरह समझ लेता है और उससे लड़ना भी सीख लेता है। जब असल में उस रोगाणु का संक्रमण होता है तो इम्यून सिस्टम तुरंत सक्रिय हो जाता है। इम्यून सिस्टम वायरस, जीवाणु या अन्य सूक्ष्म जीवों जैसे रोगजनक से सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुका होता है।

गंभीर बीमारियों से बचाव किया

वैक्सीन आने से पहले बच्चे अक्सर खसरा, पोलियो, चेचक और डिप्थीरिया जैसी घातक बीमारियों के शिकार हो जाते थे। टिटनेस के बैक्टीरिया से संक्रमित होने पर एक साधारण खरोंच भी जानलेवा साबित होती थी। हालांकि, वैक्सीन ने अब इन खतरों को दूर कर दिया है। चेचक और पोलियो दुनिया से लगभग पूरी तरह से चले गए हैं। खसरा और डिप्थीरिया के मामले भी गिने-चुने बचे हैं। दुनिया भर में टिटनेस के संक्रमण भी काफी कम हो गए हैं।

हर्ड इम्यूनिटी के लिए जरूरी वैक्सीन

वैक्सीनेशन उन लोगों की भी रक्षा करने में भी मदद करता है जिन्हें वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती है, जैसे कि नवजात शिशु, अत्यधिक बीमार या बुजुर्ग। जब समुदाय के पर्याप्त लोगों को किसी विशेष संक्रामक बीमारी की वैक्सीन दी जाती है, तो उस बीमारी की एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की संभावना बहुत कम हो जाती है। इस प्रकार की सामुदायिक सुरक्षा को डॉक्टर ‘हर्ड इम्यूनिटी’ कहते हैं।

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