कोरोनावायरस से संक्रमित 90 फीसदी मरीजों की रिपोर्ट 10-12 दिन में हो जाती है निगेटिव : विशेषज्ञ

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब इसकी चपेट में बुजुर्गों से लेकर बच्चों तक सभी आ रहे हैं। ऐसे लोगों जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है वे आसानी से इस वायरस के शिकार हो जाते हैं। वैसे तो कोरोना वायरस के लक्षण 10 दिनों भीतर सामने आते हैं। लेकिन इससे संक्रमित 90 प्रतिशत लोगों की जांच रिपोर्ट 10 से 12 दिन में निगेटिव हो जाती है। जबकि कुछ लोगों को ठीक होने में लंबा समय लग सकता है।

हर व्यक्ति की मॉलीक्युलर संरचना अलग-अलग होती है। इसलिए कुछ लोग जल्दी ठीक हो जाते हैं और कुछ को ठीक होने में लंबा समय लग जाता है। कई बार 10 से 12 दिन में रिपोर्ट निगेटिव नहीं आती है तो घबराने की कोई बात नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार रैपिड टेस्ट में लक्षण खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक रिपोर्ट पॉजिटिव आ सकती है।

इंडियन एसोसिएशन कॅफ माइक्रो बायोलॉजिस्ट सदस्य डॉ. विनीता खरे ने बताया कि, माइल्ड पॉजिटिव लोगों में आरएनए वायरल लोड कम रहता है। इनमें से 10 से 12 दिन में मॉलीक्युलर कोरोना जांच रिपोर्ट निगेटिव हो जाती है, जबकि ज्यादा वायरस लोड के मरीजों को ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। हालांकि, रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज की परेशानी कम हो जाती है।

लांसेट जर्नल में प्रकाशित एक शोध में कोरोना वायरस के 76 मरीजों पर किए गए एक अध्ययन के आधार पर यह कहा गया है कि 90 फीसदी कोरोना के मरीजों में जांच रिपोर्ट 10-12 दिन में निगेटिव हो जाती है। यानी उनके नाक और गले में वायरस खत्म हो जाता है। नए संक्रमित कोरोना वायरस के मरीज में जितना ज्यादा वायरल लोड होता है, उनके लक्षण भी उतने ही गंभीर होते हैं। अधिक वायरल लोड वाले मरीजों को अन्य परेशानियां जैसे दिल, किडनी व फेफड़ें की परेशानी ज्यादा होती है। ऐसे मरीजों को आइसीयू की भी जरूरत पड़ सकती है।

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