कोरोना संकट: देश एक साथ 30 लाख मरीजों के इलाज को है तैयार : स्वास्थ्य मंत्रालय

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. केंद्र सरकार 2 महीने के लॉकडाउन के बाद कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। पिछले दो महीने के परिणाम है कि इस समय देश में 65 हजार कोरोना के एक्टिव मामले हैं। जानकारी के मुताबिक, अब हमारे देश की स्वास्थ्य व्यवस्था 30 लाख से ज्यादा मरीजों का एक साथ इलाज करने के लिए भी तैयार हो चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के मुताबिक, भारत में 39.6 फीसदी रिकवरी रेट के साथ 42 हजार से ज्यादा लोगों का स्वस्थ होना ही इस बात का सबूत है कि कोरोना वायरस बीमारी लाइलाज नहीं है और इसके इलाज के लिए भारत में अपनाया गया क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल सफल साबित हुआ है।

जब सचिव लव अग्रवाल से यह पूछा गया कि कोरोना के मरीजों की संख्या देश में एक लाख पार पहुंचने के बावजूद लॉकडाउन में छूट क्यों दी जा रही है तो उन्होंने कहा कि, ‘देश अब कोरोना से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस समय कोरोना के लगभग 15 हजार बेड वेंटीलेटर की सुविधा के साथ तैयार हैं, जबकि इसकी जरूरत अभी 300 से भी कम मरीजों को पड़ी है। इस दर पर 33 लाख से अधिक मरीज होने की पर ही 15 हजार मरीजों को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ेगी। इतना ही नहीं बल्कि सरकार लगभग 61 हजार वेंटीलेटर का ऑर्डर दे चुकी है, जिनकी आपूर्ति शुरू भी हो गई है।’

स्वास्थय मंत्रालय के मुताबिक, ‘फिलहाल 2.9 फीसदी मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है। यानी लगभग 1800 मरीजों को ही ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है, जबकि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था इस समय 1.5 लाख से ज्यादा मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट देने में सक्षम है। इस हिसाब से अभी अगर 30 लाख एक्टिव मरीज हो जाएं, तब भी जरूरी मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा सकता है। आइसीयू सपोर्ट के मामले में भी अब हमारी स्थिति इतनी ही मजबूत हो चुकी है।’

स्वास्थ्य मंत्रालय की माने तो भारत में फिलहाल 6.39 फीसदी मरीजों को ही ऑक्सीजन, वेंटीलेटर और आइसीयू की जरूरत पड़ रही है। यानी 93.61 फीसदी मरीज सामान्य देखभाल से खुद ही ठीक हो जा रहे हैं। लव अग्रवाल ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत की सफलता को देखने के लिए दूसरों देशों के साथ भारत के तुलनात्मक आंकड़े भी साझा किए हैं। प्रति लाख जनसंख्या में कोरोना संक्रमितों की संख्या, संक्रमितों में ठीक होने वालों का अनुपात, कोरोना की वजह से जान गंवाने वालों का अनुपात लगभग सभी मापदंडों पर भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में दुनिया के दूसरे देशों से बहुत आगे है।

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