बेहद खतरनाक है कोरोना का नया रूप, 70 फीसदी तक बढ़ी इसकी ताकत

चैतन्य भारत न्यूज

कोरोना वायरस का खौफ दुनियाभर में अब भी जारी है। भारत में इसकी रफ्तार फिलहाल थोड़ी कम हुई है लेकिन ब्रिटेन में एक बार फिर कोरोना संक्रमण बढ़ने लगा है। इसके लिए वहां के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने वायरस के नए अवतार को जिम्मेदार पाया है।

वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं का कहना है कि नए स्ट्रेन में पहले वाले वेरिएंट की तुलना में बहुत अधिक ट्रांस्मिसिबिलिटी है। इसका मतलब ये है कि पहले के वायरस के मुकाबले नया वायरस ज्यादा तेजी से संक्रमण फैलाता है। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि जो कोरोना वैक्सीन लोगों को दी जा रही है वो नए स्ट्रेन के खिलाफ लड़ने में भी अहम भूमिका निभाएगी और शरीर पर प्रभावी भी होगी। कोरोना के नए स्ट्रेन के सामने आने के बाद ब्रिटेन सरकार को क्रिसमस जैसे त्योहार पर भी सख्त प्रतिबंधों को लागू करने और तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है।

वहीं चेन्नई में ICMR महामारी विज्ञान विभाग के संस्थापक-निदेशक डॉक्टर मोहन गुप्ते ने कहा कि, वायरस के नए स्ट्रेन को तब खोजा गया जब ब्रिटेन में एक बार फिर तेजी से वायरस फैलने लगा। क्या यह महामारी से निपटने के मौजूदा प्रयासों को खतरे में डालेगा? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वायरस के नए स्ट्रेन को 20 सितंबर को दक्षिण इंग्लैंड में खोजा गया था। यह वह समय है जब देश में कोरोना मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं।

हालांकि, भारत पर नए वायरस का प्रभाव का कितना है इसकी आगे जांच की जानी है। भारत में वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करते हुए, गुप्ते ने कहा कि भारत में मामलों में काफी कमी आई है। उन्होंने कहा कि भारत में मामलों की वृद्धि और गंभीरता की दर भी बहुत कम है।

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