राजीव बजाज ने लॉकडाउन पर उठाए सवाल, कहा- लॉकडाउन किसी स्वास्थ्य समस्या का समाधान नहीं, इससे भारत कमजोर हो रहा

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. बजाज ऑटो लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज (Rajiv Bajaj) ने देश में चल रहे लॉक डाउन पर सवाल उठाया है। उन्होंने देश में लॉक डाउन को मनमाना करार दिया है, और कहा है कि इस पर पूर्णविचार की आवश्यकता है। राजीव बजाज ने कहा है कि भारत बहुत मजबूत होने के बावजूद कोरोना वायरस महामारी में लगाए गए लॉक डाउन के कारण कमजोर बनता जा रहा है।

राजीव बजाज ने कहा कि, ‘लॉकडाउन किसी भी स्वास्थ्य समस्या का लंबी अवधि तक के लिए समाधान नहीं है। यह बेमतलब का है और इससे किसी आर्थिक संकट का भी समाधान नहीं होने वाला है।’ मंगलवार को उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि, ‘लॉकडाउन की यह रणनीति समाधान के बदले समस्याओं की तलाश करने जैसी है। मैं इस बात से सहमति नहीं रखता कि सभी भारतीय अनपढ़, अज्ञानी और अनुशासनहीन का समूह है। जिसे एक मवेशी चरवाहे की जरूरत है। आगे की स्थिति अभी से साफ तौर पर दिख रही है, अगर कोई वायरस दोबारा से देश में लौटता है तो क्या फिर से पूरे देश में लॉक डाउन किया जाएगा।’

उन्होंने लिखा, ‘देश में लगभग सभी कंपनियों के प्रॉफिट आधे हो गए हैं, जो कर्ज से मुक्त हैं। सौभाग्य से बजाज ऑटो अभी तक अपेक्षाकृत लचिली स्थिति में है और मेकर ने डिलरों, आपूर्तिकर्ताओं और कर्मचारियों को आश्वासन दिया है कि यह फेस लॉक डाउन को 14 अप्रैल तक इन्हें प्रभावित करने की अनुमति देगा।’

हालांकि, राजीव बजाज ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्यूफैक्चरर्स (सियाम) की सरकार से मांगों को भी खारिज कर दिया। बता दें हाल ही में सियाम ने सरकार से मांग की थी कि ऑटो सेक्टर को जीएसटी दरों में राहत दी जाए और कंपनियों को परिचालन पूंजी उपलब्ध कराई जाए। लेकिन उन्होंने कहा कि सरकार समस्याओं का तार्किक समाधान खोजेगी।

बजाज ने कहा, ‘लॉकडाउन किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए लंबी अवधि का समाधान नहीं है। युवाओं और स्वस्थ लोगों को वापस नौकरी पर जाना ही होगा। पहले ही बहुत छंटनी हो चुकी है। लेकिन सरकार ऐसा दिखा रही है जैसे कि न छंटनी हुई हो और न किसी की सैलरी में कटौती की गई हो।’

बजाज ने यह भी बताया कि, परिस्थितियों को मद्देनजर रखते हुए उनकी कंपनी ने अनुसंधान एवं विकास आरएंडडी को छोड़कर अन्य सभी तरह के खर्च को लगभग बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि, ‘हमारा तिमाही मार्केटिंग बजट करीब 200 करोड़ रुपये का हुआ करता था, जो इस वक्त लगभग शुन्य है। निवेश की सारी योजनाएं लगभग एक वर्ष के लिए स्थगित हैं।

हाल ही बजाज कंपनी ने कहा था कि, वह लॉकडाउन की अवधि के लिए कर्मचारियों के वेतन में कटौती करेगी। कंपनी का कहना था कि, उनके कर्मचारी मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अपनी इच्छा से घटी हुई सैलरी लेने को तैयार हैं। साथ ही बजाज कंपनी का तर्क था कि, ‘सरकार को सप्लाई, निर्यात और डीलरशिप जैसे मोर्चों पर काम तत्काल शुरू करने देना चाहिए और उसके बाद सभी जरूरी सावधानियों के साथ उत्पादन संबंधी गतिविधियां शुरू करने की जिम्मेदारी कारोबारियों पर छोड़ देनी चाहिए।’

 

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