स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना वायरस के इलाज के नियमों में किए कई बदलाव, अब 14 नहीं बल्कि 10 दिन में डिस्चार्ज होंगे मरीज

corona virus treatment

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पताल से मरीजों की छुट्टी मिलने की नीति में बदलाव किया है। शनिवार सुबह केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इसके लिए नई गाइड लाइन जारी की है। अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का अस्पताल में रखने का समय 14 दिन से घटाकर 10 दिन कर दिया है। साथ ही अब अब हल्के मामलों में डिस्चार्ज से पहले परीक्षण की जरूरत को खत्म कर दिया गया है।

नई गाइड लाइन के मुताबिक

  • कोरोना के लक्षण दिखने के 10 दिन बाद अगर 3 दिनों तक मरीज को बुखार नहीं आया है तो उसे बिना किसी RT/PCR टेस्ट किए ही छुट्टी दे दी जाएगी।
  • अब से सिर्फ गंभीर मामलों में ही कोरोना संक्रमित मरीजों को डिस्चार्ज से पहले RT/PCR से गुजरना होगा, बाकी मरीजों को 10 दिनों में ही छुट्टी दी जा सकती है।
  • छुट्टी मिलने के बाद अब उसे 14 दिन की बजाए सात दिन होम आइसोलेशन में रहना होगा। टेली-कॉन्फ्रेंस के जरिए 14वें दिन मरीज का फॉलो-अप लिया जाएगा।
  • यदि कोरोना के हलके लक्षण हैं तो उसे दो श्रेणी में बांटा गया है-
  1. अगर बुखार शुरू के 3 दिनों में ठीक हो जाए और अगले 4 दिनों तक अगर ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत न पड़े तो ऐसी स्थिति में लक्षण आने के 10 दिन बाद बिना किसी RT/PCR टेस्ट किए मरीज को डिस्चार्ज किया जा सकता है। बशर्ते बुखार न हो, सांस लेने में तकलीफ न हो और ऑक्सीजन की जरूरत न हो।
  2. अगर बुखार तीन दिनों में न जाए और ऑक्सीजन थेरेपी की जरूरत हो तो ऐसे मरीज को लक्षण खत्म होने पर और 3 दिनों तक लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत न पड़े तभी उसे डिस्चार्ज किया जा सकता है। ऐसे केस में भी डिस्चार्ज से पहले RT/PCR टेस्ट की जरूरत नहीं होती है।

 

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