कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव होने के बाद भी जारी रखे इलाज, चूक से हो रहीं मौतें

चैतन्य भारत न्यूज

देशभर में कोरोना का कहर जारी है। रोजाना लाखों नए मामले सामने आ रहे हैं। लेकिन जो लोग कोरोना नेगेटिव हो चुके है उनकी भी मौत के मामले सामने आए हैं। दरअसल, पोस्ट कोविड स्थिति में रोगियों को ढंग से इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी लोग कुछ दिनों के अंदर ही मर रहे हैं। जब कुछ मरीज इलाज के लिए दोबारा अस्पताल पहुंच रहे हैं।

नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन इंडिया ने कहा है कि, खासतौर पर स्टेरॉयड के इस्तेमाल में डॉक्टरों से चूक होने के चलते यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। संस्था ने इलाज के तरीके पर सवाल उठाते हुए मरीजों की स्थिति को देखकर उनके प्रबंधन की सलाह दी है। संस्था के सेंट्रल जोन के चेयरमैन प्रोफेसर एसके कटियार का कहना है कि, फिजिशियन रोगियों को पहले हाई पावर का स्टेरॉयड दे रहे हैं। इससे निमोनिया कम होने लगता है। इस बीच कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ जाती है। उसके बाद स्टेरॉयड बंद कर दिया जाता है, जबकि वैज्ञानिक तरीके से इसकी डोज धीरे-धीरे कम करते हुए बंद की जानी चाहिए। ऐसा न करने से ही रोगी की स्थिति फिर बिगड़ने लगती है।

उन्होंने बताया कि, ‘फेफड़ों की स्थिति फिर पहले जैसी या उससे भी खराब हो जाती है। इससे रोगियों की मौत हो जाती है। प्रोफेसर कटियार ने बताया कि कुछ रोगियों को फिर और गंभीर स्थिति में दोबारा भर्ती करना पड़ता है। उनका ऑक्सीजन लेवल बहुत लो रहता है।’

स्टेरॉयड वैज्ञानिक तरीके से कम की जाए

विशेषज्ञों का कहना है कि रोगी की जान बचाने के लिए शरीर की क्षमता को एकदम से बढ़ाने के लिए स्टेरॉयड देना जरूरी है, लेकिन इसे अचानक बंद कर देना या फिर डोज कम करने में साइंटिफिक तरीके न अपनाना उतना ही खतरनाक है। इससेे स्थिति और बिगड़ सकती है। यह रोगी के लिए जानलेवा होती है।

Related posts