कोरोना वायरस: 27 दिनों से देश में रोजाना औसतन 1 हजार से ज्यादा मौतें, देखें 30 जनवरी से लेकर अब तक के आंकड़े

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस संक्रमण तेजी फैलते हुए 64 लाख के आंकड़े के पार पहुंच चुका है। इसके साथ ही देश में अबतक कोरोना वायरस संक्रमण से 1 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। देश में पिछले महीने कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या हर दिन 1000 रिकॉर्ड की गई थी। सिर्फ एक ही दिन ऐसा था, जिसमें 776 मौतें रिपोर्ट हुई हैं।

पिछले महीने 33,390 मौतें रिकॉर्ड हुईं जो कुल आंकड़ों का एक तिहाई है। भारत में कोरोना से होने वाली पिछली 30 हजार मौतों का ट्रेंड देखें तो, भारत में हर दिन हो रही मौतें ब्राजील और अमेरिका से 40% ज्यादा हैं। इस रफ्तार से अगर मौतें होती रहीं तो, भारत ब्राजील को 127 और अमेरिका को 346 दिनों में पीछे छोड़ देगा।

देश में कोरोना का पहला मामला 30 जनवरी को सामने आया था और इस बीमारी से पहली मौत 12 मार्च को हुई थी। कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा 10 हजार तक पहुंचने में 96 दिन लगे। फिर शुक्रवार को यह आंकड़ा 1 लाख तक पहुंच गया। भारत में कोरोना से मौतों की रफ्तार अमेरिका और ब्राजील से कम थी, लेकिन समय के साथ ब्राजील और अमेरिका में जहां मौतें कम होती गईं, वहीं भारत में मौतें बढ़ती गईं।

कोरोना के चलते भारत में 204 दिन में एक लाख मौतें हुई हैं। शुरुआती 10 हजार मौतें होने में 95 दिन लगे थे। जबकि अगले 95 दिनों में 60 हजार से ज्यादा मौतें हुईं। पिछली 50 हजार यानी, आधी मौतें 50 दिनों से भी कम समय में हुई हैं। पिछली 30 हजार मौतों का औसत निकाला जाए तो, 1 हजार 111 मौतें हर दिन हो रही हैं।

भारत में अब दुनियाभर में सबसे ज्यादा कोरोना केस आ रहे सामने

कोरोना वायरस के मामलों में अमेरिका के बाद भारत दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा हर दिन आने वाले मामलों में भी भारत अब पहले नंबर पर है। देश में कम मृत्यु दर इसे उच्च संचयी और क्षमता वाले देशों की लिस्ट में खड़ा कर देती है। गुरुवार को भारत में मृत्यु दर 1.56 थी। विशेषज्ञों का मानना है कि संक्रमण का घातक अनुपात और भी कम हो सकता है।

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