कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक, एक्टिव केस फिर डेढ़ लाख के पार, रिकवरी से ज्यादा नए मरीज मिल रहे

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. देश में कोरोना का संकट फिर से गहराता जा रहा है। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र और केरल में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। लेकिन देश के अन्य कई राज्यों में भी कोरोना महामारी ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। करीब 16 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पिछले सप्ताह कोरोना के नए मामलों में वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि यह वृद्धि काफी मामूली रही, लेकिन इस वृद्धि को देखते हुए सरकारें सतर्क हो गई हैं। कई राज्यों ने सीमा पर अलर्ट जारी कर दिया है।

पिछले 24 घंटे के अंदर 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ऐसे रहे जहां रिकवरी से ज्यादा नए कोरोना मरीजों की पहचान हुई। इनमें भी 4 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दे दी है। इनमें महाराष्ट्र, पंजाब, जम्मू कश्मीर और चंडीगढ़ शामिल हैं। महाराष्ट्र में पिछले 10 दिन, पंजाब में 12, चंडीगढ़ में 10 और जम्मू कश्मीर में 7 दिन से लगातार एक्टिव केस बढ़ रहे हैं। केरल में हालात अब काबू में आने लगा है। यहां सोमवार को 2841 एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी आई है।

मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, पंजाब और मध्य प्रदेश में दैनिक मामलों में बढ़ोतरी के कारण संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। भारत में कोविड-19 के मामले 7 अगस्त को 20 लाख के से ज्यादा हो गए थे, जबकि 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख का आंकड़ा पार किया था। 28 सितंबर को यह 60 लाख के पार चला गया, जबकि 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ का आंकड़ा पार किया था।

मध्य प्रदेश में संक्रमण के 294 नए मामले

मध्य प्रदेश में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 294 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही प्रदेश में इस वायरस से अब तक संक्रमित पाए गए लोगों की कुल संख्या 2,59,721 हो गई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, महाराष्ट्र से लगे मध्यप्रदेश के सभी जिलों में आने वाले व्यक्तियों का थर्मल परीक्षण किया जाएगा। राज्य में पिछले 24 घंटों में इस बीमारी से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई।

वैक्सीनेशन के बाद अब तक 19 लोगों ने जान गंवाई

देश में वैक्सीनेशन ड्राइव भी तेज हो गई है। अब तक 1 करोड़ 14 लाख से ज्यादा हेल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्कर्स को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इनमें 75 लाख 40 हजार 602 हेल्थ केयर वर्कर्स और 38 लाख 83 हजार 492 फ्रंट लाइन वर्कर्स शामिल हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि वैक्सीनेशन के बाद अब तक 46 लोगों को गंभीर साइड इफेक्ट्स की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें 26 लोग ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं और एक का इलाज चल रहा है। 19 लोग ऐसे भी रहे जिनकी मौत हो गई। हालांकि, इनकी मौत का कारण अलग-अलग रहा है।

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