45+ उम्र वाले लोगों के लिए इतना जरूरी क्यों है वैक्सीनेशन? यह सब कुछ आपके लिए जानना जरूरी है

चैतन्य भारत न्यूज

देश में कोरोना की दूसरी लहर ने तबाही मचा रखी है। न सक्रिय मामले थम रहे हैं न मौतें, बल्कि हर एक दिन के साथ कोरोना की लहर तेज होती हुई दिख रही है। इसी बीच भारत में कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा फेज 1 अप्रैल से शुरू हो गया है। इसमें 45 से ज्यादा उम्र वाले यानी 1 जनवरी 1977 से पहले जन्मे सभी लोगों को वैक्सीनेट करने की तैयारी है।

इस उम्र वर्ग के लिए वक्सीनशन क्यों जरूरी?

सरकार ने बताया कि कोविड-19 की वजह से हुई मौतों में इस एज ग्रुप की हिस्सेदारी 90% रही है। इस वजह से इस एज ग्रुप को वैक्सीनेट करना बेहद जरूरी है। इसलिए भी एक्सपर्ट जोर दे रहे हैं कि सबको वैक्सीन लगवानी चाहिए। सरकार ने देश में बन रही कोरोना वैक्सीन की विदेशों को सप्लाई रोक दी है, ताकि घरेलू जरूरतों को पूरा किया जा सके।

देश में वैक्सीनेशन की क्या चल रही है रफ्तार?

भारत में 16 जनवरी को कोरोना वैक्सीनेशन का प्रारंभ हुआ था। 75 दिनों के सफर में करीब 6.5 करोड़ कोरोना डोज दिए जा चुके हैं। अभी तक 82 लाख से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना का टीका लग चुका है, जबकि 91 लाख से अधिक फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लग पाया है। केंद्र सरकार ने एक मार्च से 60 साल से अधिक लोगों को वैक्सीन लगवाने का मौका दिया। अभी तक देश में 3 करोड़ से अधिक 60 साल से अधिक लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है। जो अभी तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। देश में रोजाना औसतन 20 से 25 लाख वैक्सीन की डोज दी जा रही है। सरकार की कोशिश है कि इस दायरे को बढ़ाया जाए। जिन जिलों में कोरोना बेकाबू हो चला है, वहां दो हफ्ते में ही सभी लोगों को टीका लगा दिया जाए।

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