700 साल पहले भी इस खतरनाक बीमारी से बचने के लिए क्वारंटीन हुए थे लोग, 40 दिन तक पानी में खड़े होकर बचाई थी जान!

plague disease

चैतन्य भारत न्यूज

दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर जारी है। इसके प्रकोप से बचने के लिए लोगों ने खुद को क्वारंटीन किया हुआ है। वैसे यह पहली बार नहीं है जब लोग क्वारंटीन हुए हैं बल्कि संक्रामक बीमारियों को रोकने और लोगों को बचाने के लिए 700 साल पहले भी लोगों को क्वारंटीन किया गया था।

इस इटैलियन शब्द से निकला ‘क्वारंटीन’

ओल्ड टेस्टामेंट में भी सेल्फ-आइसोलेशन के बारे में उल्लेखन है। इसके अलावा ‘क्वारंटीन’ शब्द का इतिहास भी बेहद दिलचस्प है। क्वारंटीन शब्द इटैलियन भाषा के ‘क्वारंतीनो’ से निकला है। क्वारंटीन का अर्थ है चालीस दिन की अवधि में अकेले रखना।

प्लेग से मर रहे थे लोग

बता दें 14वीं शताब्दी में यूरोप में प्लेग जैसी खतरनाक बीमारी फैली थी। इसस वेनिस जैसे तटीय शहरों को बचाने के लिए संक्रमित बंदरगाहों से शहर में पहुंचने से पहले प्रत्येक जहाज को 40 दिन तक पानी में ही लंगर डालकर खड़े रहना पड़ता था। यानी जहाज को 40 दिनों तक अपनी यात्रा रोकनी पड़ती थी। इसे क्वारंटीन कहा जाने लगा। फिर 1374 में वेनिस ने एक आदेश जारी कर कहा था कि विशेष स्वास्थ्य परिषद, जहाजों तथा उसके यात्रियों को शहर में आने की अनुमति न दी जाए। इसके कारण वेनिस में कुछ विशेष देशों के जहाजों और यात्रियों के साथ भेदभाव तथा अन्य गड़बड़ियां भी हुई थीं।

पूरी दुनिया ने अपनाया ये तरीका 

एड्रीयाटिक सागर के पार रागुजा (जो आधुनिक ड्यूब्रोन्विक है) की महापरिषद ने 1377 में इस खतरनाक महामारी को फैलने से रोकने के लिए एक नया कानून बनाया था। इस कानून के मुताबिक, हर जहाज और व्यापारियों को 30 दिन तक आइसोलेशन में रहना होता था। कानून के मुताबिक, हर व्यक्ति को मुख्य शहर में प्रवेश करने से पहले किसी नजदीकी तट, कस्बे या द्वीप में 30 दिन बिताने होंगे।यह तरीका सफल भी साबित हुआ। फिर इस तरीके को पूरी दुनिया ने अपनाया।

उल्लंघन करने पर कठोर दंड और जुर्माना

रागुजा गणतंत्र ने अपने इस क्वारंटीन कानून का उल्लंघन करने पर कठोर दंड की सजा सुनाई और जुर्माने लगाए थे। पहले आइसोलेशन की अवधि 30 दिन होती थी, बाद में इसे 40 दिन कर दिया गया था। हालांकि ऐसा करने की सही वजह किसी को नहीं पता। कुछ लोगों का कहना है कि 30 दिन की अवधि ना काफी थी, क्योंकि बीमारी के इंक्यूबेशन अवधि की सही जानकारी नहीं थी।

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