यूपी: छात्रा से दुष्कर्म के मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद बरी

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चैतन्य भारत न्यूज

शाहजहांपुर. यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री व भाजपा नेता चिन्मयानंद को बड़ी राहत मिली है। एमपी एमएलए कोर्ट ने चिन्मयानंद को दुष्कर्म मामले में बरी कर दिया है। इसके अलावा दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली युवती और उसके साथियों को भी रंगदारी मांगने के मामले में कोर्ट ने बरी कर दिया है। बता दें शाहजहांपुर में लॉ कॉलेज की छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था।

क्या है मामला?

बता दें कि दो साल पहले शाहजहांपुर में चिन्मयानंद के ट्रस्ट की तरफ से चलाए जाने वाले कॉलेज में लॉ की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाया था। इसके बाद सितंबर में चिन्मयानंद की गिरफ्तारी हुई थी। जांच के क्रम में यह बात भी सामने निकलकर आई कि छात्रा और उसका एक दोस्त चिन्मयानंद को काफी समय से ब्लैकमेल कर रहे थे। छात्रा पर 5 करोड़ रूपये की रंगदारी मांगने का आरोप लगा था। चिन्मयानंद के वकील ने छात्रा और उसके दोस्तों पर 5 करोड़ की रंगदारी मांगने का केस दर्ज कराया था। इस केस में भी कोर्ट ने फैसला सुनाया।

जांच में एसआईटी को मिले थे कई वीडियो

क्राइम ब्रांच कि टीम ने राजस्थान से छात्रा को उसके एक दोस्त के साथ एक होटल से बरामद कर लिया था और छात्रा को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश हाई कोर्ट ने एसआईटी का गठन किया था। हाईकोर्ट की देखरेख में एसआईटी ने अपनी जांच शुरु की थी। जांच में एसआईटी को कई वीडियो मिले जिसमे लॉ कॉलेज की छात्रा चिन्मयानंद की मालिश करते दिख रही थी। स्वामी चिन्मयानंद निर्वस्त्र होकर तेल मालिश करवा रहे थे। इसी बीच छात्रा ने खुफिया कैमरे से चिन्मयानंद का तेल मालिश करते हुए वीडियो बना लिया था।

पिछले साल जेल से रिहा हो गए थे चिन्मयानंद

एसआईटी ने जांच में इलेक्ट्रॉनिक सुबूत हासिल करने के बाद कार्यवाई करते हुए 20 सितंबर 2019 को चिन्मयानंद को जेल भेज दिया था। साथ ही रंगदारी मांगने के आरोप में छात्रा के तीन दोस्तों को भी उसी दिन जेल भेज दिया था। उसके बाद 25 सितंबर 2019 को रंगदारी मांगने के आरोप में छात्रा को भी जेल भेज दिया गया था। बाद में 5 फरवरी 2020 को चिन्मयानंद जेल से रिहा हो गए थे।

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