MP : वार्ड बॉय ने हटाया कोरोना मरीज का ऑक्सीजन सपोर्ट, सांसें उखड़ने पर सिर पटकते रहे, 9 घंटे तड़पने के बाद मौत

चैतन्य भारत न्यूज

शिवपुरी. मध्य प्रदेश के शिवपुरी से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक अस्पताल में वार्ड बॉय ने ऑक्सीजन सिलेंडर हटा दिया जिससे एक मरीज की मौत हो गई। यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। शख्स की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में हंगामा भी किया।

ऑक्सीजन हटाकर दूसरे मरीज को लगाया

दरअसल शिक्षक सुरेंद्र शर्मा को कोरोना होने के बाद उन्हे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि कोविड आईसीयू में तैनात वार्ड बॉय और डॉक्टरों ने रात को सुरेंद्र शर्मा का ऑक्सीजन हटाकर किसी और मरीज को लगा दिया था। इस वजह से उनकी मौत हो गई है। इस घटना के बाद लगातार परिजन सीसीटीवी फुटेज की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि आईसीयू में लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर आरोपी स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद ही वह मृतक के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाएंगे।

अस्पताल की सफाई

घटना के बाद परिजन के हंगामे और आरोपों के बीच अस्पताल के अधीक्षक डॉ। केबी वर्मा ने कहा कि, ‘मरीज की ऑक्सीजन नहीं हटाई गई। उनकी हालत खराब थी, इसलिए उन्हें बचाया नहीं जा सका। लेकिन परिजन नहीं माने और कोविड वार्ड के सीसीटीवी फुटेज निकलवाने पर अड़ गए।’

‘नहीं था पिता का ऑक्सीजन सिलेंडर’

मृतक के बेटे दीपक शर्मा का कहना है कि, ‘मंगलवार रात तक मेरे पिता जी बिल्कुल ठीक थे।अगले दिन सुबह मुझे पता चला कि रात में किसी ने उनकी ऑक्सीजन हटा दी। जिस वजह से वो रातभर तड़पते रहे। जब मैं दौड़ते हुए अस्पताल पहुंचा तो देखा पिता का ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था। मैंने डॉक्टर और नर्सों से बोला ऑक्सीजन लगा दो, लेकिन उन्होंने नहीं लगाया।जिस कारण 10-15 मिनट बाद ही मेरे पिता की मृत्यु हो गई।’

अस्पताल ने बनाई जांच टीम

परिजनों के हंगामा करने के बाद मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने तीन सदस्यी डॉक्टरों की एक जांच टीम बनाई है जो 48 घंटे में पूरे मामले की जांच पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ। अर्जुन लाल शर्मा का इस मामले में कहना है कि जिला अस्पताल में हमारे पास 76 ऑक्सीजन, 30 बेड की आईसीयू 13 एसएनएफयू मशीन है। जिसमें केवल 4 का ही इस्तेमाल हुआ। मरीज को लेकर उन्होंने कहा कि मरीज पहले से ही डायलिसिस करवा रहा था और उनका हीमोग्लोबीन भी कम था। जल्द ही सीसीटीवी फुटेज देखकर जांच पूरी की जाएगी। अपराधी पाए जाने पर सजा दी जाएगी।

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