कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन के क्या है संभावित साइट इफेक्ट्स? जानिए

चैतन्य भारत न्यूज

आज से देशभर में कोरोना वैक्सीन अभियान शुरू हो रहा है। पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंट वारियर्स को वैक्सीन लगाईं जाएगी जिनकी संख्या करीब 3 करोड़ होगी। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की फैक्ट शीट में इस बात की जानकारी दी गई है कि कोविशील्ड और कोवैक्सीन के क्या संभावित साइट इफेक्ट्स हो सकते हैं और इसे कैसे नियंत्रित किया जा सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में।

कोविशील्ड के सामान्य साइड इफेक्ट्स

सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड के लिए फैक्ट शीट में कहा गया है कि वैक्सीन लगने के बाद कुछ हल्के लक्षण देखने को मिल सकते हैं जैसे कि इंजेक्शन लगने वाली जगह पर दर्द और सूजन, सिर दर्द, थकान, मांसपेशियों में दर्द, बेचैनी, पायरेक्सिया, बुखार, जोड़ों में दर्द और मितली महसूस होना। फैक्ट शीट के मुताबिक, वैक्सीनेशन के बाद ऐसे लक्षण दिखने पर पैरासिटामोल जैसी आम पेनकिलर दी जा सकती है। फैक्ट शीट में यह भी कहा गया है कि कोविशील्ड वैक्सीन के बाद डिमाइलेटिंग डिसऑर्डर के भी कुछ मामले देखे गए हैं। हालांकि, इनकी संख्या बहुत कम है और वैक्सीन के साथ इनका कोई संबंध नहीं है।

डिमाइलेटिंग डिसऑर्डर

हमारे शरीर की तन्त्रिका कोशिकाएं मायलिन नाम की एक सुरक्षात्मक परत से ढकी होती हैं जो मस्तिष्क को संदेश भेजने में मदद करती है। मायलिन को नुकसान पहुंचाने वाली स्थितियों को डिमाइलेटिंग डिसऑर्डर कहते हैं।फैक्ट शीट में कहा गया है कि थ्रोम्बोसाइटोपेनिया की समस्या वाले लोगों को कोविशिल्ड बहुत सावधानी से दी जानी चाहिए। थ्रोम्बोसाइटोपेनिया में ब्लड प्लेटलेट्स असामान्य रूप से कम हो जाते हैं।

कोवैक्सीन के सामान्य साइड इफेक्ट्स

फैक्ट शीट के मुताबिक, भारत बायोटेक की कोवैक्सीन देने पर इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द-सूजन, सिर दर्द, थकान, बुखार, शरीर दर्द, पेट दर्द, मितली और उल्टी, चक्कर आना, कंपकंपी और सर्दी- खांसी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कोवैक्सीन के कोई असामान्य साइड इफेक्ट्स नहीं बताए गए हैं। कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक का कहना है कि वैक्सीन के पहले, दूसरे और 25,800 लोगों पर जारी तीसरे चरण के ट्रायल में कोई गंभीर दुष्प्रभाव सामने नहीं आए हैं।

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