इन 20 बीमारियों से पीड़ित 45 से अधिक उम्र वाले लोग लगवा सकते हैं वैक्सीन, दिखाने होंगे सबूत

चैतन्य भारत न्यूज

आज से देश में कोरोना टीकाकरण के दूसरे चरण का आगाज हो गया है। कोरोना से इस वैक्सीन युद्ध के दूसरे चरण में 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग या फिर अलग अलग बीमारियों से जूझ रहे 45 साल से ज्यादा उम्र के लोग कोरोना का टीका लगवा सकेंगे। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी इसके इंतजाम किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन बीमारियों की लिस्ट जारी कर दी है जिससे पीड़ित 45 साल से अधिक उम्र के लोग वैक्सीन लगवाने के हकदार होंगे। हालांकि ऐसे लोगों को बीमारी का मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाने पर वैक्सीन दिए जाएंगे। इस लिस्ट में स्वास्थ्य मंत्रालय ने 20 बीमारियों को शामिल किया है।

ये हैं बीमारियों के नाम

ह्रदय की बीमारी, 10 साल से अधिक समय से डायबिटिज, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की बीमारी, हाइपरटेंशन, लीवर, ल्यूकेमिया, एचआईवी ग्रसित, बोन मेरो फेलियर समेत 20 गंभीर बीमारियों को शामिल किया गया है। इसमें कैंसर से पीड़ित लोग भी शामिल किए गए हैं।

ये है सवालों की लिस्ट

  1. पिछले 1 साल में हार्ट फेल्योर की वजह से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा हो।
  2. पोस्ट कार्डियक ट्रांसप्लांट या लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइस (LVAD)।
  3. सिग्निफिकेंट लेफ्ट वेंट्रिकुलर सिस्टोलिक डिसफंक्शन (एलवीईएफ 40 परसेंट से कम)।
  4. मॉडरेट ऑर गंभीर वल्वुलर हार्ट डिजिज।
  5. पीएएच या इडियोपैथिक पीएएच के साथ कॉन्जेनाइटल हार्ट डिजीज।
  6. पहले सीएबीजी या पीटीसीए या एमआई और हाइपरटेंशन या डायबिटीज का इलाज हुआ हो, कोरोनरी अर्टरी डिजीज की शिकायत रही हो।
  7. एंजाइना और हाइपरटेंशन या डायबिटीज का इलाज हुआ हो।
  8. स्ट्रोक (सीटी या एआरआई में पता चला हो) और हाइपरटेंशन या डायबिटीज का इलाज।
  9. पल्मोनरी अर्टरी हाइपरटेंशन और हाइपरटेंशन या डायबिटीज का इलाज।
  10. डायबिटीज (10 साल से ज्यादा समय से) और हाइपटेंशन का इलाज चल रहा हो।
  11. किडनी या लीवर या हिमेटोपोएटिक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट कराने वाले या वेट लिस्ट में।
  12. किडनी बीमारी का अंतिम चरण और मरीज हिमोडायलिसिस या सीएपीडी पर हो।
  13. लंबे वक्त से कोर्टिकोस्टेरॉयड्स की गोली खा रहे हों या इम्युनिटी को कम करने वाली दवाई ले रहे हों।
  14. डिकंपेंसेटेड सिरोसिस की बीमारी हो।
  15. पिछले दो साल में सांस की गंभीर बीमारी के कारण हॉस्पिटल में भर्ती हुए हों।
  16. लिफोमा, ल्यूकेमिया या मायलोमा की बीमारी से ग्रसित हों।
  17. एक जुलाई 2020 या उसके बाद जांच में किसी तरह के कैंसर का पता चला हो या कैंसर की थेरेपी ली हो।
  18. सिकल सेल बीमारी या बोन मैन्योर फेल्योर या एप्लास्टिक एनीमिया या थैलेसेमिया की बीमारी।
  19. प्राइमरी इम्युनोडिफिशिएंसी डिजीज या एचआईवी इनफेक्शन।
  20. इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटिज या मस्कुलर डिस्ट्रोफी या एसिड अटैक से श्वसन तंत्र का प्रभावित होना या दिव्यांग या अंधापन या बहरापन।

वैक्सीनेशन के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

रजिस्ट्रेशन के लिए कोविन ऐप, आरोग्य सेतु ऐप की मदद ली जा सकती है। या फिर cowin.gov.in पर भी लॉगइन कर सकते हैं। यहां आपको अपना मोबाइल नंबर डालना होगा। मोबाइल पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) आएगा। इसकी मदद से अकाउंट क्रिएट करें। फिर जिस भी व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन करवाना है उसका नाम, उम्र, लिंग भरें। पहचान के लिए कोई प्रूफ लगाएं। यदि वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करवा रहे शख्स की उम्र 45 साल से ऊपर और उसे कोई अन्य बीमारी है, तो यह बताना होगा। किस दिन और कहां वैक्सीन लगवाना है, उसके लिए आप खुद से तारीख और वैक्सीनेशन सेंटर चुन लें। बता दें एक मोबाइल नंबर के जरिए 4 लोगों का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए 1507 पर कॉल की जा सकती है।

वैक्सीनेशन के लिए ये कागज जरूरी

  • यदि आप वैक्सीन लगवाने जा रहे हैं तो अपनी आईडी साथ ले जाना ना भूलें।
  • आईडी में आधार कार्ड, वोटर आईडी आदि ले जा सकते हैं।
  • आपको कोई ऐसा ऑफिशियल आईडी प्रूफ दिखाना होगा जिस पर आपकी फोटो के साथ जन्मतिथि भी लिखी हो।
  • इसके अलावा 45 साल से अधिक और 60 साल से कम उम्र के लोगों को वैक्सीन की डोज लेने के लिए गंभीर बीमारी से पीड़ित होने के साक्ष्य भी दिखाने होंगे।
  • यह रजिस्टर्ड डॉक्टर्स की तरफ से प्रमाणित होना चाहिए।

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