मध्यप्रदेश सरकार करवा रही ‘गायों का स्वयंवर’, 200 सांडों की ‘कुंडली’ हुई तैयार, जानें क्या है मामला

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चैतन्य भारत न्यूज

भोपाल. आपने इंसानों के स्वयंवर के बारे में तो जरूर सुना होगा, लेकिन क्या कभी गाय के स्वयंवर के बारे में सुना है? नहीं ना… लेकिन मध्यप्रदेश सरकार अब जल्द ही गायों के लिए स्वयंवर आयोजित करने वाली है। इसमें मालिक अपनी-अपनी गायों के लिए पसंदीदा जोड़ीदार ढूंढ सकेंगे।


200 सांडों की कुंडली हुई तैयार

राजधानी भोपाल में पशुपालन विभाग ने गायों के लिए परफेक्ट मैच ढूंढ़ने की सुविधा दी है। इसके लिए विभाग ने सांडों की कुंडली यानी उनका आकर्षक मैचमेकिंग डेटाबेस भी तैयार किया है, जिसे उन्होंने ‘साइअर डायरेक्ट्री’ नाम दिया है। इसमें 200 सांडों की सभी छोटी-बड़ी जानकारी उपलब्ध है, जिसमें उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि से लेकर बीमारी और मांओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता के बारे में बताया गया है। यह डायरेक्ट्री हर महीने अपडेट की जाएगी और इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध रहेगी।

गाय के लिए खरीद सकेंगे पसंदीदा सांड का सीमन

राज्य सरकार ने इसका नाम ‘गो स्वयंवर’ रखा है। पशुपालन विभाग के अधिकारी ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया कि, ‘इस स्वयंवर का मकसद है कि प्रदेश में उपलब्ध 16 नस्लों से सर्वश्रेष्ठ प्रजनन योग्य सांडों से गर्भाधान के लिए सबसे अच्छा सीमन (वीर्य) प्राप्त करना है।’ यानी मामूली पैसे अदा कर मालिक अपनी गाय के लिए अपनी पसंद के सांड का सीमन यहां से खरीद सकते हैं।

सीमन डोजेज किए जाते हैं तैयार

यह सेंट्रल सीमन स्टेशन भोपाल में केरवा डैम के पास है। यहां सीमन डोजेज तैयार किए जाते हैं। यहीं पर इन 200 सांडों को लाया गया है। पशुपालन मंत्री लक्ष्मण सिंह यादव ने पिछले शनिवार को यह डायरेक्ट्री जारी की थी। मंत्री ने बताया कि, ‘इसे विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें सांड के बारे में हरसंभव जानकारी है। इससे स्वदेशी मवेशी नस्लों को सुधारने में मदद मिलेगी।’

इन नस्लों के सांड हैं मौजूद

सीमन स्टेशन लाए जाने वाले सांडों में गिर, साहीवाल, थारपारकर, मुर्रा, मालवी और निमाड़ी नस्लें हैं। यहां पर हर सांड की जानकारी को तीन विभागों में विभाजित किया गया है। ये हैं तीन विभाग –

  • पहले विभाग में साधारण जानकारी जैसे नस्ल, पैरेंटेज और उम्र के बारे में जानकारी होगी।
  • दूसरे विभाग में परफॉर्मेंस ट्रेट्स जिसमें मां की दुग्ध उत्पादन क्षमता और दूध का फैट प्रतिशत आदि शामिल है।
  • तीसरे विभाग में बीमारी या जेनेरिक डिसऑर्डर की जानकारी है।

सांडों का रखा जाता है खास ख्याल

यहां पर सांडों के रखरखाव से लेकर उनके खानपान तक का खासतौर से ख्याल रखा जाता है। जानकारी के मुताबिक, यहां सांड के सीमन को लैब में रखकर उसे सुरक्षित रखा जाता है। फिर उसकी डिमांड आने पर सीमन सप्लाय किया जाता है। अब वेबसाइट पर जाकर सभी सांडों का बायोडाटा देखा जा सकता है और फिर कोई भी व्यक्ति अपनी पसंद के सांड का सीमन ले सकता है। बता दें इस स्टेशन पर हर साल 30 लाख सीमन डोजेज तैयार किए जा रहे हैं।

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