CPCB ने थर्मोकोल, प्लास्टिक और पीओपी की मूर्ति बनाने पर लगाई रोक

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. कोरोना वायरस का असर इस साल सभी त्योहारों पर भी पड़ने वाला है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने इस बार देवी-देवताओं की मूर्तियां प्लास्टिक, थर्मोकोल और प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनाने पर रोक लगा दी है।

जानकारी के मुताबिक, सीपीसीबी ने मूर्ति विसर्जन के संबंध में 2010 के दिशा-निर्देशों को संशोधित किया है। खासतौर से प्राकृतिक रूप से मौजूद मिट्टी से मूर्ति बनाने और उन पर सिथेटिक पेंट या बिना रसायन वाले रंग का उपयोग करने पर जोर दिया गया है। इस बारे में सीपीसीबी ने कहा कि, ‘एकल इस्तेमाल योग्य प्लास्टिक तथा थर्मोकोल से मूर्तियां बनाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी और केवल पारिस्थिति के लिहाज से अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल मूर्तियां, पंडाल, ताजिया बनाने और सजाने में किया जा सकेगा जिससे कि जलाशयों में प्रदूषण नहीं हो सके।’

संशोधित दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि, ‘मूर्तियों के आभूषण बनाने के लिए सूखे फूलों का उपयोग किया जा सकता है। इसके अलावा मूर्तियों को और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से चमक लाने के लिए पेड़ों से निकलने वाला गोंदनुमा राल या रेजिन को उपयोग में लिया जा सकता है।’

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