क्या आप भी चटकाते हैं उंगलियां? जानिए कितनी खतरनाक है ये आदत

cracking knuckle

चैतन्य भारत न्यूज

आपने भी कई लोगों को हर थोड़ी देर में उंगलियां चटकाते हुए देखा होगा। आम धारणा है कि ऐसा करने से आलस्य व थकान दूर हो जाती है। लेकिन शायद आपको ये नहीं पता होगा कि ऐसा करने से हाथों की पकड़ कमजोर हो सकती है। कई बार लोग अपने सिर के ऊपर हाथ ले जाकर उंगलियां चटकाते हैं और उबासी लेते हुए थकान दूर करते हैं। कम्प्यूटर पर काम करने वाले लोग भी दिन में कई बार ऐसा करते हैं। लेकिन उंगलियां चटकाना ठीक नहीं है।

हॉवर्ड मेडिकल स्कूल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग जरुरत से ज्यादा उंगलियां चटकाते हैं उनके जोड़ों की कोमल कोशिकाएं खराब होने लगती हैं। यदि यह आदत नहीं छूटी तो इससे हाथों की पकड़ हमेशा के लिए कमजोर हो सकती है। जानकारों के मुताबिक, उंगलियां चटकाने से गठिया की समस्या तो नहीं होती लेकिन इससे ऐसा करने से कुछ समय बाद जोड़ों में सूजन जरूर आ सकती है। इससे हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। यहां तक कि उनमे माइनर फ्रैक्चर भी हो सकता है। उंगलियां चटकाते समय जो आवाज होती है वह जोड़ों में पाए जाने वाले लुब्रीकेंट से निकलने वाले बबल से होती है। बार-बार उंगलियों को तकलीफ देने से अक्सर इस लुब्रीकेंट की कमी होने लगती है। इस वजह से बॉन ज्वाइंट पॉइंट भी खुरदुरे हो जाते हैं और वह आवाज करने लगते हैं। यदि कोई गठिया रोग से पीड़ित हैं तो इस आदत के कारण उनकी परेशानी और ज्यादा बढ़ सकती है।

साल 2010 में अमेरिकन बोर्ड ऑफ फैमिली मेडिसिन के जर्नल में प्रकाशित हुए एक शोध के अनुसार, 200 लोगों के हाथों का एक्स-रे किया गया था। इनमें से 20 प्रतिशत वे लोग थे जिन्होंने लगातार उंगलियां चटकाई थी। ऐसे लोगों में गठिया रोग होने की संभावना तो कम थी लेकिन उनके हाथों की पकड़ जरूर कमजोर हो गई थी।

 

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