एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर का हुआ था मर्डर, शक के घेरे में परिवार, पत्नी से हुई पूछताछ

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय एन.डी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी (40) की मौत की गुत्थी उलझती जा रही है। शुक्रवार को रोहित की मौत के मामले में तब नया मोड़ आ गया जब जांच में ये सामने आया कि उसकी मौत सामान्य नहीं है। शुक्रवार को रोहित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई जिसमें खुलासा हुआ है कि रोहित की मौत दम घुटने से हुई है। इसके बाद से ही ये कयास लगाए जा रहे हैं कि रोहित की हत्या संभवत: तकिये से मुंह दबाकर की गई है। रहस्यमय परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम रोहित की मां उज्ज्वला तिवारी, पत्नी, उनके ससुर, भाई व नौकरों से पूछताछ कर रही हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद रोहित की हत्या का केस दर्ज किया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस केस में रोहित की पत्नी पर पहला शक जा रहा है। रोहित की हत्या के समय भाई सिद्धार्थ भी घर पर ही मौजूद था इसलिए उससे भी सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान रोहित की मां से उसकी पत्नी के रिश्ते को लेकर सवाल किए गए। रोहित के ससुर ने अपनी बेटी को बेगुनाह बताया है। ससुर ने कहा है कि, ‘उनकी बेटी ने कुछ गलत नहीं किया है और वो कभी भी किसी की हत्या नहीं कर सकती है। उनकी बेटी-दामाद के रिश्ते बहुत मधुर थे।

क्या है पूरा मामला

रोहित शेखर तिवारी दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में रहते थे। रोहित 16 अप्रैल को अपने कमरे में संदिग्ध हालात में मिले थे। इसके बाद उन्हें तुरंत साकेत मैक्स अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद रोहित को मृत घोषित कर दिया था। उस समय मां उज्ज्वला ने कहा था कि, रोहित की मौत स्वभाविक है। उज्ज्वला ने यह भी कहा था कि, उनका बेटा तनाव में रहता था और वह ही उसे खा गया। रोहित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत गला चोक होने की वजह से हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि, रोहित का गला किसी चीज से दबाया गया है और इस वजह से वो सांस नहीं ले पाए। रिपोर्ट्स के अनुसार, रोहित का गला भी घोंटा गया जिस वजह से उनकी मौत हो गई। रोहित की मौत 15 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे हुई थी जबकि उनको 16 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अस्पताल ले जाया गया। यानी रोहित करीब 15 घंटे तक घर में ही मृत पड़े थे।

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