इन 4 ऐप्स को डाउनलोड करने से बचें, वरना खाली हो सकता है आपका बैंक खाता

चैतन्य भारत न्यूज

डिजिटलाइजेशन के इस जमाने ने लोगों का काम तो बेहद आसान कर दिया और समय की भी बचत की, लेकिन इससे खतरा भी बढ़ता जा रहा है। दरअसल, डिजिटल युग में एक जरा-सी चूक आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकती है। जी हां… डिजिटल के बढ़ते चलन को देखते हुए इसमें फ्रॉड (धोखाधड़ी) भी बढ़ गया है। लिहाजा ऑनलाइन पेमेंट करते समय काफी सतर्क रहने की जरूरत है।



डिजिटलाइजेशन के इस युग में फ्रॉड करने का तरीका भी आधुनिक हो गया है। अब लोग मैसेज, इमेल और लिंक के जरिए भी सायबर क्राइम को अंजाम दे रहे हैं। पहले सायबर अपराधी OTP, UPI link आदि के जरिए सायबर अपराध को अंजाम देते थे। लेकिन अब इन सब से बिलकुल अलग ऐसे अपराध करने के लिए अपराधी स्क्रीन शेयरिंग ऐप जैसे- Anydesk, Quick Support, Airdroid, Team Viewer आदि का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ऐसे हो जाते हैं आप सायबर क्राइम का शिकार 

अपराधी पहले आपको स्क्रीन शेयरिंग ऐप इनस्टॉल करने का बोलते हैं। जैसे ही आप उन ऐप को इनस्टॉल कर लेते हैं तो आपके फोन को अपराधी द्वारा access कर लिया जाता है। फिर आप अपने फोन में जो भी गतिविधि करते हैं वह सब अपराधी को भी दिखाई देती है। ऐसे में वो आपकी सभी जरुरी जानकारी जैसे- Debit-Credit कार्ड डिटेल्स, OTP, UPI, PIN आदि हासिल कर लेते हैं। आपके फोन पर आने वाले OTP को ट्रांसेक्शन के लिए उपयोग में ले लेते हैं और फिर वो आपके Paytm, Google pay, Phone pay आदि से अन्य वॉलेट्स से ट्रांसेक्शन करने में समर्थ हो जाते हैं।

सायबर अपराध से बचने के लिए ये सावधानियां बरतें-

  • किसी के भी कहने पर कोई भी अनजान ऐप को मोबाइल में इनस्टॉल या डाउनलोड न करें।
  • यदि आप ऐप डाउनलोड भी कर रहे हैं तो पहले उसकी उपयोगिता और उससे संबंधित सभी जानकारी जरूर लें लीजिए।
  • अपने बैंक, डेबिट-क्रेडिट कार्ड या अन्य वॉलेट से संबंधित जानकारी या फिर मोबाइल पर प्राप्त होने वाले OTP या Verfication code को किसी के भी साथ शेयर न करें।
  • Paytm के KYC Updation के लिए Paytm ऐप पर दिए गए Nearby Option से नजदीकी Paytm सेंटर की जानकारी प्राप्त कर सेंटर पर ही संपर्क करें।
  • यदि कोई मोबाइल कंपनी का कस्टमर केयर बन कर आपसे सिम को एक्टीवेट करने के लिए आपसे सिम कार्ड नंबर मांगता है तो किसी भी मैसेज ना तो जवाब दें और ना ही किसी लिंक पर क्लिक करें।
  • किसी से भी अपने बैंक का पिन कोड, पासवर्ड शेयर ना करें। फर्जी मैसेज से हमेशा सावधान रहें।
  • जब भी कोई ऑनलाइन ट्रांसजेक्शन करें तो पहले चेक करें कि इंटरनेट कनेक्शन पासवर्ड से प्रोटेक्टेड हो।
  • कभी साइबर कैफे या फ्री वाई-फाई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट ना करें।
    कई बार फंसाने के लिए ई-मेल भी भेजा जाता है। यह ई-मेल ऐसा लगता है जैसे किसी बैंक ने या किसी शॉपिंग वेबसाइट ने भेजा हो। इनके जरिए हमेशा पर्सनल इन्फॉर्मेशन मांगी जाती है। इसके लिंक पर क्लिक करते ही एक नकली वेबसाइट ओपन हो जाती है। जैसे ही आपना यूजर आईडी और पासवर्ड डालते हैं। आपके मोबाइल नंबर, लॉग इन आईडी, पासवर्ड, डेबिट, क्रेडिट कार्ड संबंधित जानकारी तुरंत हैक की जा सकती है।
  • कई बार अपराधी Whatsapp पर QR कोड शेयर करते हैं। साथ ही मैसेज भी भेजते हैं कि इसके स्कैन करने से आपके अकाउंट में पैसे आ जाएंगे। ऐसे किसी भी QR कोड पर कार्ड का नंबर, पिन और ओटीपी कभी शेयर न करें।
  • फ्रॉड करने वाले आपको किसी स्क्रीन शेयरिंग App का उपयोग करने के लिए कहते हैं। ये App एक तरह का मालवेयर होता है, जो आपके मोबाइल डेटा को थर्ड पार्टी तक पहुंचा देता है।
  • कई बार फ्रॉड करने वाले सोशल मीडिया पर फर्जी बैंक अधिकारी बन कर आपसे आपकी शिकायत सुनने के बहाने अकाउंट की जानकारी मांग सकते हैं। ऐसे में ध्यान रखें कि बैंक की आधिकारिक साइट से ही फोन नंबर निकालें और संपर्क करें।

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