भगवान विष्णु के 24 अवतारों में छठे स्थान पर हैं भगवान दत्तात्रेय, इस विधि से पूजा करने पर होगी फल प्राप्ति

चैतन्य भारत न्यूज

मार्गशीर्ष माह में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को भगवान दत्तात्रेय की जयंती मनाई जाती है। इस बार दत्तात्रेय जयंती 29 दिसंबर को यानी आज है। दत्तात्रेय को त्रिदेवों अर्थात् ब्रह्मा, विष्णु और महेश का संयुक्त रूप माना जाता है। इनकी छःभुजाएं और तीनमुख हैं। इनके पिता ऋषि अत्रि और माता अनुसूया हैं। भगवान दत्तात्रेय को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। कुछ मान्यताओं के अनुसार, इन्हें भगवान शिव का स्वरूप माना गया है। इस दिन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

दत्तात्रेय जयंती 2020 शुभ मुहूर्त 

  • पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – सुबह 07 बजकर 54 मिनट से (29 दिसम्बर 2020)
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त – सुबह 8 बजकर 57 मिनट तक (30 दिसम्बर 2020)

दत्तात्रेय जयंती की पूजा विधि 

  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
  • पूजा से पहले एक चौकी पर गंगाजल छिड़कर उस पर साफ आसन बिछाएं।
  • भगवान दत्तात्रेय की तस्वीर स्थापित करें।
  • इसके बाद भगवान दत्तात्रेय को फूल, माला आदि अर्पित करें।
  • अब भगवान की धूप व दीप से विधिवत पूजा करें।
  • अंत में आरती गाएं और फिर प्रसाद वितरण करें।

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