De De Pyaar De Review: 50 साल के शादीशुदा आदमी और उसकी 26 साल की गर्लफ्रेंड की उलझनभरी प्रेम कहानी

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टीम चैतन्य भारत

फिल्म : दे दे प्यार दे
कलाकार : अजय देवगन, तब्बू, रकुल प्रीत सिंह, आलोक नाथ, जिमी शेरगिल, जावेद जाफरी
निर्देशक : अकिव अली
सर्टिफिकेट : U/A
फिल्म टाइप : रोमांस, कॉमेडी
अवधि : 2 घंटे 15 मिनट

कहानी :

फिल्म की कहानी लंदन से शुरू होती है। यहां 50 साल के बिजनेसमैन आशीष (अजय देवगन) अपने घर में एक दोस्त की बैचलर पार्टी रखते हैं। इस पार्टी में एंट्री होती है 26 साल की आएशा (रकुल प्रीत) की। यहीं से शुरू होता है आशीष-आएशा का फ्लर्ट सेशन। दोनों एक-दूसरे के साथ फ्लर्ट करते-करते सच में प्यार करने लगते हैं। फिर आशीष आएशा को अपने परिवार से मिलाने के लिए भारत लेकर आता हैं, यही से कहानी में आता है ट्विस्ट। भारत में आशीष अपनी पत्नी मंजू (तब्बू), बेटा-बेटी और माता-पिता से आएशा को मिलवाता है। मंजू और आयशा में कुछ खटपट होती है। साथ ही आशीष को देख उसकी बेटी भी नाराज हो जाती है और बेटी का रिश्ता खतरे में आ जाता है। जब तक आशीष बेटी का रिश्ता जुड़वाता तब तक आएशा लंदन लौट जाती है। फिर मंजू और आशीष के बीच सब कुछ ठीक होने लगता है। लेकिन आशीष के दिल में अब भी आएशा बसी होती है। बेटी की शादी में आशीष और आएशा फिर एक साथ हो जाते हैं और मंजू अलग रहने लगती है। अब आशीष आएशा को अपनाएगा या मंजू ये जानने के लिए आपको फिल्म देखना होगी।

क्यों देखें फिल्म :

ये फिल्म आपको मॉर्डन जमाने से जोड़ेगी जहां प्यार के बीच उम्र का बंधन नहीं होता। फिल्म में कई ऐसे सीन और डायलॉग हैं जो आपको हंसने पर मजबूर कर देंगे। इसमें कुछ डबल मीनिंग पंच भी हैं जो युवाओं को पसंद आ सकते हैं। फिल्म की कहानी में आपको कॉमेडी के साथ-साथ प्यार भी देखने को मिलेगा। लेकिन एक समय पर फिल्म थोड़ी लंबी लगने लगती है। फिल्म में कुछ सीन ऐसे भी हैं जो जरुरी नहीं थे। यदि आप एक एंटरटेनिंग, फनी, ड्रामा और लव स्टोरी देखना पसंद करते हैं तो आप इस फिल्म को देख सकते हैं।

कलाकारों की एक्टिंग

हमेशा की तरह इस बार भी तब्बू ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है। कहीं-कहीं तब्बू के एक्सप्रेशन काफी जबरदस्त है। रकुल ने भी बेहतरीन एक्टिंग की है। ये फिल्म उनकी टॉप फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो सकती है। अजय ने इस बार फिर अपनी एक्टिंग के जरिए सभी को दीवाना बनाने की ठान ली है। पूरी फिल्म में उनके एक्सप्रेशन जबरदस्त हैं। अलोक नाथ ने भी पिता का किरदार बखूबी निभाया है। उनके डायलॉग्स भी काफी मजेदार हैं। जावेद जाफरी कम समय के लिए स्क्रीन पर आए हैं लेकिन उनके आते ही पूरा फोकस जावेद पर ही हो जाता है। वहीं जिमी शेरगिल की बात करें तो उनके आते ही फिल्म का माहौल बदल जाता है। जिमी ने भी अपनी कॉमिक स्टाइल से सबको हंसाने की कोशिश की है।

 

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