ट्रैक्टर रैली में हिंसा पर बोले दिल्ली पुलिस कमिश्नर- किसानों ने विश्वासघात किया, उग्र लोगों को आगे किया

चैतन्य भारत न्यूज

गणतंत्र दिवस के दिन निकले ट्रैक्टर मार्च में हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस का एक्शन जारी है। बुधवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि, 25 जनवरी की शाम हमें पता चला कि किसान अपने वादे से मुकर रहे हैं। उग्र लोगों को उन्होंने आगे कर दिया। स्टेज पर ऐसे लोगों का कब्जा हो गया और उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए। इससे उनकी मंशा साफ हो गई।

उन्होंने बताया कि, सिंघु पर तय समय से पहले सुबह 8।30 बजे ही इन लोगों ने मार्च शुरू कर दिया। समझौते के हिसाब से उन्हें दाएं मुड़ना चाहिए था, लेकिन वे वहां न जाकर धरने पर बैठ गए। उनके नेता सतनाम पन्नू ने भड़काऊ भाषण दिया। इसके बाद किसान बैरिकेड्स तोड़ने पर आमादा हो गए। दर्शन पाल ने भी तय रूट पर जाने से इनकार कर दिया।

पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने कहा कि हिंसा में 394 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। किसान नेता किसानों को उकसा रहे थे और वे वही थे जो पूर्व निर्धारित मार्गों पर जाने से इनकार कर रहे थे। हमारे पास ऐसे वीडियो हैं जो दिखा रहे हैं कि कैसे नेता किसानों को उकसा रहे थे। गाजीपुर से राकेश टिकैत की टीम ने बैरिकेड को तोड़ा और आगे बढ़ गए। पुलिस के सामने कई विकल्प थे लेकिन हमने संयम बरता। किसान नेता भी हिंसा में शामिल थे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि हिंसा में पुलिस की 30 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

परेड के लिए 5 राउंड की मीटिंग की

कमिश्नर ने कहा कि ट्रैक्टर परेड की जानकारी मिलने के बाद हमने किसान नेताओं से 5 राउंड की मीटिंग की। इसके अलावा कई बार फोन पर बातचीत भी हुई। उनसे कहा गया था कि 26 जनवरी को देश जब गणतंत्र दिवस मना रहा हो, उस दिन आप मार्च न निकालें। आप उसके बाद मार्च निकालें। उन्होंने इससे इनकार कर दिया। उन्होंने जब जोर डाला तो हमने कहा कि आप कोंडली-मानेसर-पलवल रूट पर मार्च निकालें।

कुछ शर्तों के साथ दी थी रैली की इजाजत

पुलिस कमिश्नर ने कहा कि 26 जनवरी को देखते हुए कुछ नियम और शर्तें उन्हें दी गई थीं। हमारी पहली शर्त थी कि किसान रैली 12 बजे शुरू हो। किसान लीडर ट्रैक्टर मार्च को लीड करें और अगली पंक्ति में रहें। यह भी तय हुआ कि हर एक ट्रैक्टर के साथ लीडर्स भी साथ चलें ताकि वो जत्थे को कंट्रोल कर सकें। 5 हजार से ज्यादा ट्रैक्टर नहीं हों और कोई भी हथियार, भाला, तलवार जैसी चीज साथ में नहीं होनी चाहिए। रैली में अनुशासन बना रहे। किसान नेताओं ने ये सभी शर्तें मंजूर की थीं।

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