कोर्ट ने कहा- बिना सहमति से बनाए गए यौन संबंध को माना जाएगा दुष्कर्म

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चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. दिल्ली की एक अदालत ने बलात्कार के एक मामले में 28 वर्षीय आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि, ‘आरोपी के साथ पीड़िता के पहले यौन संबंधों के आधार पर दुष्कर्म के मामले में राहत प्रदान नहीं की जा सकती।’

कोर्ट ने मुंबई के पत्रकार वरुण हिरमथ की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय खनागवाल ने फैसले में कहा कि, ‘किसी भी महिला से उसकी सहमति के बिना यौन संबंध दुष्कर्म माना जाएगा। इस मामले में सवाल है कि उसने सहमति दी या नहीं। वहीं महिला ने अदालत के सामने दिए बयानों में कहा है कि, ‘उसकी बिना सहमति से संबंध बनाए गए तो अदालत उसके बयानों को ही मानेगी न कि इस तथ्य को कि उनके बीच पहले भी यौन संबंध रहे हैं।’

अपने आदेश में जज ने लिखा, ‘हालांकि व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम चैट को अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष रूप से मना नहीं किया गया है, लेकिन इसके बावजूद तथ्य यह है कि अभियुक्त और अभियोजन पक्ष के बीच प्रेम संबंध थे और दोनों के शारिरिक संबंध थे।’ कोर्ट ने कहा कि, ‘अगर दोनों के बीच पहले से संबंध थे तो भी भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 53- (क) के तहत इसे दुष्कर्म के मामले स्वीकार नहीं किया जा सकता है।’

क्या हैं महिला के आरोप?

महिला ने अपनी शिकायत में और मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में आरोप लगाया है कि, 20 फरवरी को चाणक्यपुरी में एक पांच सितारा होटल में पत्रकार वरुण हिरमथ ने दुष्कर्म किया था। महिला की शिकायत के आधार पर, IPC की धारा 376 (बलात्कार के अपराध की सजा), 342 और 509 के तहत प्राथमिकी चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी।’ कोर्ट ने कहा कि, ‘जहां तक सहमति होने या ना होने का सवाल है, महिला ने अदालत के समक्ष अपने साक्ष्य में कहा कि उसने सहमति नहीं दी, इसलिए ‘अदालत मान लेगी कि उसने सहमति नहीं दी।’

अदालत ने यह भी कहा कि, ‘बचाव पक्ष के वकील द्वारा बताए गए विरोधाभास ‘ठोस नहीं हैं’ और अभियोजन पक्ष की दलील को खारिज करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। उन्हें आरोपी से हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत है।’ अभियुक्त के वकील एडवोकेट संदीप कपूर ने तर्क दिया कि, ‘उनके मुवक्किल को’ झूठा फंसाया गया’ और ‘जो कुछ भी अपराध के दिन हुआ था, वह सहमति से था और यहां तक कि पीड़ित अभियुक्त से मिलने के लिए पुणे से दिल्ली आईं। दोनों होटल गए और डबल बेड का रूम लिया। शिकायतकर्ता ने इस बाबत जरूरी डॉक्यूमेंट्स भी होटल को दिये। ऐसे में यह दिखाता है कि महिला की भी यौन संबंध में रुचि थी।’

वहीं शिकायतकर्ता महिला के वकील जय अनंत देहराई, सिद्धार्थ अरोड़ा और आशना छाबड़ा ने कहा कि, उनकी मुवक्किल ने सहमति से यौन संबंध नहीं बनाए। मुवक्किल लॉबी से जा रही थी। आरोपी उसे कमरे में ले गया और उससे बिना सहमित के यौन संबंध बनाए। जब पीड़िता ने मौके से निकलने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे चोट भी पहुंचाई।

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