दिल्ली हिंसा में ये सिख पिता-पुत्र बने अमन के दूत, खुद की जान पर खेलकर 70 मुस्लिमों को बचाया

mohinder singh

चैतन्य भारत न्यूज

नई दिल्ली. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगातार तीन दिन तक जमकर विरोध-प्रदर्शन हुआ। अब माहौल शांत हो गया है। धीरे-धीरे जनजीवन भी पटरी पर आ रहा है। हालात जैसे-जैसे सामान्य हो रहे हैं वैसे-वैसे लोग अपने साथ हुए अत्याचारों की कहानी बता रहे हैं। ऐसे भी कई लोगों का नाम सामने आया है जिन्होंने हिंसा के दौरान अपने साहस का परिचय देते हुए हिंसा से कई लोगों को बचाया है। इन्हीं में से एक है सिख पिता-पुत्र की जोड़ी जिन्होंने दिल्ली में हो रही हिंसा के दौरान चुपचाप कई लोगों की जान बचाई।


दुपहिया वाहन से लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया

24 फरवरी को दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में हिंसा के दौरान इस सिख पिता-पुत्र की जोड़ी ने अपनी बहादुरी दिखाते हुए इलाके में फंसे करीब 70 मुसलमानों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उनकी जान बचाई। सूत्रों के मुताबिक, मोहिंदर सिंह नामक शख्स ने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने दुपहिया वाहन से गोकुलपुरी बाजार से मुस्लिम परिवारों को कर्दमपुरी तक पहुंचाया।

20 चक्कर लगाकर बचाई 70 मुस्लिमों की जान

मोहिंदर सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि, ‘मैंने और मेरे बेटे ने हिंसा के दौरान लगभग 60 से 70 मुस्लिमों को शिफ्ट किया। मैं अपने स्कूटर पर था और मेरा बेटा अपनी बुलेट पर। हमने गोकुलपुरी से कर्दमपुरी इलाके तक 20 चक्कर लगाए। वे लोग डरे हुए थे। उनके डर को देखते हुए हमने उन्हें यहां से शिफ्ट करने का फैसला किया।’

मोहिंदर बोले- हिंसा ने याद दिलाए 1984 के दंगे

मोहिंदर सिंह ने उस दिन हुई हिंसा की कहानी बताते हुए कहा कि, ‘मैंने 1984 के सिख विरोधी दंगों को देखा है। इस हिंसा ने मुझे उसकी याद दिला दी। हमने दाढ़ी वाले मुस्लिम पुरुषों को पगड़ी दी ताकि उन्हें पहचाना न जा सके। वहां महिलाएं और बच्चे भी थे। हमने सबसे पहले उन्हें ही बाहर निकाला।’ मोहिंदर सिंह ने आगे बताया कि, ‘हमने केवल मानवता के लिए ऐसा किया क्योंकि हमने उन्हें किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति के बजाय इंसान के रूप में देखा।’

जा चुकी है 40 से ज्यादा लोगों की जान

गौरतलब है कि दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में हिंसा के दौरान अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है और कई घायलों का इलाज जारी है। जानकारी के मुताबिक, हिंसा में पुलिस ने अब तक 167 एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं आर्म्स एक्ट में कुल 36 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने 885 लोगों को पकड़ा है, जिनमें से कुछ गिरफ्तार हैं और कुछ हिरासत में है।

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