कहीं आपकी वजह से तो नहीं आपके बच्चे हो रहे हैं डिप्रेशन का शिकार?

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चैतन्य भारत न्यूज

डिप्रेशन या अवसाद एक ऐसी गंभीर समस्या है जिसके बारे में ज्यादातर लोग बात नहीं करते और यही इसके समाधान में सबसे बड़ी बाधा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने तो यह तक बता दिया कि अगले साल तक डिप्रेशन दुनिया की दूसरी बड़ी बीमारी बन जाएगी। आज के समय में तो कम उम्र के बच्चे भी डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। उलझन वाली स्थिति में होने पर बच्चे डिप्रेशन में चले जाते हैं। लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि आप ही अपने बच्चों के डिप्रेशन में जाने की वजह बन रहे हो…

डिप्रेशन सिर्फ बड़ों को ही नहीं बल्कि यह बच्चों को भी अपना शिकार बना लेता है। अच्छे-खासे लोग इसकी चपेट में आने से टूट जाते हैं। ऐसे ही बच्चे भी डिप्रेशन का शिकार होने के बाद अंदर से बिखर जाते हैं। बच्चों में डिप्रेशन अलग-अलग प्रकार का होता है। यह पढ़ाई, स्कूल और अपने विकास को लेकर भी हो सकता है। लेकिन यह बच्चों को इतना प्रभावित नहीं करता जितना घर में माता-पिता के झगड़े की वजह से होने वाला डिप्रेशन उन्हें प्रभावित करता है। यदि किसी घर में रोजाना पति-पत्नी के बीच झगड़ा हो रहा हो तो इसका बच्चों पर मानसिक और भावनात्मक तौर पर बहुत गहरा असर पड़ता है। ऐसे में बच्चे डिप्रेशन में आ जाते हैं और उनके मासूम से मन में कई तरह की बातें चलने लगती हैं। माता-पिता के कारण होने वाला डिप्रेशन बच्चों को सबसे दूर बिलकुल अकेला कर देता है। ऐसे में उनके भीतर परिवार, भविष्य और रिश्तों को लेकर डर भर जाता है। कई बार तो माता-पिता को यह पता भी नहीं होता कि उनका बच्चा डिप्रेशन का शिकार हो चुका है। इसलिए यदि आपकी वजह से आपके बच्चे डिप्रेशन में जी रहे हैं तो पारिवारिक कलह से उनको दूर रखें।

घरेलू हिंसा और माता-पिता के अलगाव के अलावा भी बच्चें दूसरी वजहों से डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अचानक नए घर में शिफ्ट होना, नए स्कूल और नए लोगों के बीच जाने पर होने वाला डिप्रेशन भी इसमें शामिल है। लेकिन यह वक्त के साथ धीरे-धीरे कम हो जाता है और बच्चों को इससे ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाता। इसके अलावा घर में यदि किसी करीबी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए तो इस वजह से भी कई बार बच्चे डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं। लेकिन इन सब में सबसे ज्यादा खतरनाक डिप्रेशन घेरलू हिंसा की वजह से होता है।

डिप्रेशन से बच्चों को ऐसे रखें दूर

यदि आपके और पार्टनर के बीच किसी न किसी बात को लेकर रोजाना झगड़ा होता रहता है या फिर आपके रिश्ते में मनमुटाव हो रहा है तो इसमें आप बच्चों को शामिल न करें। आपके बीच मनमुटाव होने की भनक बच्चों को जरा भी न लगने दें। उन्हें अपने बीच की सभी लड़ाई से दूर रखें और उनके सामने आपस में लड़ना-झगड़ना बंद कर दें। न ही बच्चों के सामने आप एक-दूसरे को बुरा-भला कहे। इससे भी उनके मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है और फिर वह खुद को अकेला महसूस करने लगते हैं।

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