मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए देव दिवाली पर जरूर करें इन नियमों का पालन

चैतन्य भारत न्यूज 
हिंदू धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान और दान को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही देव दिवाली का पर्व मनाया जाता है। मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन शंकर भगवान ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था। इसी खुशी में देवताओं ने स्वर्ग लोक में दीपक जलाकर जश्न मनाया था। इसके बाद से हर साल इस दिन को देव दिवाली के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस साल 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा या देव दिवाली मनाई जा रही है। आइए जानते हैं मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के नियम।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के नियम

  • मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन मां लक्ष्मी पीपल के पेड़ पर ही निवास करती हैं। इसलिए आज के दिन जल में दूध मिलाकर पीपल के पेड़ पर चढ़ाना चाहिए। इससे लक्ष्मी मां प्रसन्न होती हैं।
  • इस दिन भगवान विष्णु और शिव जी की पूजा के साथ तुलसी पूजा का भी विशेष महत्व है।
  • इस दिन गरीबों को चावल दान करना चाहिए। मान्यता है कि चावल के दान से चंद्र ग्रह शुभ फल देता है। गरीब को चावल दान करने से मां लक्ष्मी भी अपनी कृपा बरसाती हैं।
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण बांधना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं।
  • पूर्णिमा के दिन चांद निकलने के बाद मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना चाहिए।
  • मां लक्ष्मी को गुलाबी पुष्प विशेषकर कमल चढ़ाना सर्वोत्तम होगा।

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