वधावन ब्रदर्स समेत 23 के खिलाफ FIR दर्ज, लॉकडाउन तोड़ने का आरोप, येस बैंक मामले में CBI-ED कर रही थी तलाश

vadhwan brothers

चैतन्य भारत न्यूज

मुंबई. पूरे देश में इस समय लॉकडाउन जारी है, बावजूद इसके दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (DHFL) के प्रमोटर कपिल और धीरज वधावन समेत 23 लोगों को महाबलेश्वर जाने की अनुमति दी गई। राज्य के सतारा जिले के महाबलेश्वर पहुंचकर कोविड-19 से जुड़ी पाबंदियों का उल्लंघन करने के आरोप में कपिल और धीरज समेत 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जानकारी के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ आईपीसी, डिजास्टर मैनेजमेट और महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।

पूरे परिवार को हिरासत में लिया

स्थानीय पुलिस ने बताया कि, कोरोना वायरस के कारण पुणे और सतारा दोनों ही जिलों को सील कर दिया है। लेकिन फिर भी वधावन परिवार के सदस्यों समेत कई लोगों ने बुधवार शाम अपनी कारों से खंडाला से महाबलेश्वर की यात्रा की। बता दें यस बैंक मामले में पूछताछ के लिए सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) दोनों एजेंसियां कपिल और धीरज की तलाश में थीं। दोनों 8 मार्च से ही छिप रहे थे। कपिल और धीरज को यह डर था कि उन्हें मुंबई से गिरफ्तार कर लिया जाएगा इसलिए वे खंडाला के एक गेस्ट हाउस में छिपे हुए थे, लेकिन लॉकडाउन की वजह से उन्हें इसे छोड़कर महाबलेश्वर जाना पड़ा। लेकिन अब महाराष्ट्र पुलिस ने वधावन ब्रदर्स समेत 23 लोगों (उनके परिवार के सदस्यों और नौकरों) को महाबलेश्वर से हिरासत में लिया है।

यस बैंक मामले से जुड़ा है कनेक्शन

बता दें यस बैंक के फाउंडर राणा कपूर को ईडी ने 8 मार्च को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही अपनी गिरफ्तारी के डर से वधावन ब्रदर्स खंडाला गए और वहां एक गेस्ट हाउस में छिप गए। जानकारी के मुताबिक, वधावन ब्रदर्स पर यह आरोप है कि उन्होंने कपूर परिवार को घूस देकर यस बैंक से सैकड़ों करोड़ के लोन लिए थे। इस मामले में ईडी और सीबीआई ने वधावन ब्रदर्स को कई बार समन भेजा, लेकिन वे पूछताछ के लिए नहीं गए। आखिरी बार उन्होंने यह बहाना बनाया था कि वे कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से घर से बाहर नहीं निकालेंगे। दोनों जांच एजेंसियों ने वधावन परिवार के मुंबई स्थित आवास और महाबलेश्वर के उनके फार्म हाउस पर छापेमारी भी की थी, लेकिन वे वहां नहीं मिले।

राज्य में सियासी उठापटक शुरू

इस मामले को लेकर अब महाराष्ट्र में सियासत शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को लेकर गृह मंत्री अनिल देशमुख के इस्तीफे की मांग की है। साथ ही उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने यात्रा की इजाजत देने वाले प्रधान सचिव अमिताभ गुप्ता को तुरंत प्रभाव से आवश्यक छुट्टी पर भेज दिया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने कहा कि, इस घटना के बाद गृह विभाग में प्रधान सचिव (विशेष) अमिताभ गुप्ता को अनिवार्य अवकाश पर भेजने की सरकार की कार्रवाई महज खानापूर्ति है।

क्वारंटाइन में वाधवान परिवार

महाबलेश्वर की स्थानीय पुलिस ने सभी 23 लोगों को पंचगनी के सेंट जैवियर्स स्कूल में क्वारंटीन (एकांतवास) में रखा है। ईडी और सीबीआई के अधिकारियों ने सतारा पुलिस को यह आदेश दिया है कि वधावन ब्रदर्स को क्वारंटीन के बाद भी रिहा न किया जाए।

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